
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और उससे जुड़े चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर जारी है। रविवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई, जबकि बस्तर और सरगुजा संभाग में कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। रायपुर में रविवार को दिनभर बादल छाए रहे और रुक-रुक कर तेज बारिश होती रही।
मौसम विभाग के अनुसार शहर में सुबह साढ़े आठ बजे तक 26.7 मिमी और शाम साढ़े पांच बजे तक 47.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.9 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री रहा। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई, जबकि बस्तर और सरगुजा संभाग में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। अंबिकापुर में सर्वाधिक 32.4 डिग्री अधिकतम तापमान और पेंड्रारोड में सबसे कम 21.6 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा।
प्रदेश में सर्वाधिक वर्षा कोटाडोल में 110 मिमी दर्ज की गई। रामचंद्रपुर, तोकापाल और करपावंड में 80-80 मिमी बारिश हुई। छुरा और नांगल में 70-70 मिमी तथा सुकमा, लोरमी, जगदलपुर, केशकाल और बस्तर में 60-60 मिमी वर्षा हुई। मौसम विभाग ने 24 अगस्त को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी दी है। अगले सात दिनों तक प्रदेश में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
शहर का अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 24.4 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार 24 अगस्त को रायपुर में आकाश सामान्यतः बादलों से ढका रहेगा और कुछ स्थानों पर बारिश अथवा गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान 29 और न्यूनतम 25 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है।
प्रदेश में रविवार को अंबिकापुर में सर्वाधिक 32.4 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक रहा। इसके विपरीत पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। रायपुर का अधिकतम तापमान 31 डिग्री रहा, जो सामान्य से 0.9 डिग्री अधिक है। माना विमानतल में अधिकतम 30.4, बिलासपुर में 31.8, जगदलपुर में 24.7 और दुर्ग में 29.9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है। इसके अगले 24 घंटे में उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और उत्तर ओडिशा तथा उससे लगे गंगीय पश्चिम बंगाल क्षेत्र से गुजरने की संभावना है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
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मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले सात दिनों तक अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। 24 अगस्त को विशेष रूप से एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। गरज-चमक के साथ वज्रपात की भी आशंका है। मौसम विभाग ने बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।