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नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घोषणा की कि अब उनके आधिकारिक दौरों में केवल बेहद आवश्यक वाहन ही शामिल किए जाएंगे। काफिले से अनावश्यक वाहनों को हटाया जाएगा, ताकि ईंधन की खपत में कमी लाई जा सके। यह निर्णय राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में अनुशासन और संसाधन-संयम की नई शुरुआत माना जा रहा है।
साथ ही सीएम ने राज्य सरकार के मंत्रियों एवं निगम-मंडलों के पदाधिकारियों से भी सरकारी वाहनों और अन्य संसाधनों के संयमित उपयोग का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि वाहन उपयोग में संयम अपनाकर सरकार पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत दोनों में योगदान दे सकती है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने अब शासकीय वाहनों को ईवी में बदलने की दिशा में ठोस कार्रवाई शुरू कर दी है। आने वाले समय में राज्य की अधिकांश सरकारी गाड़ियां इलेक्ट्रिक होंगी, जिससे ईंधन की बचत, प्रदूषण में कमी और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
सीएम विष्णुदेव साय ने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करें, कारपूलिंग अपनाएं और अनावश्यक निजी वाहन उपयोग से बचें। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव से बड़े परिवर्तन लाए जा सकते हैं और यह राष्ट्रहित में महत्वपूर्ण कदम होगा। साथ ही उन्होंने ईंधन संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, हर नागरिक का एक छोटा-सा प्रयास भी राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण योगदान बन सकता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, "पीएम के अपील के बाद हमने भी अपने कारकेड में कटौती की है। आने वाले समय में हम EV पर जोर देंगे।"
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रहित में ईंधन संरक्षण एवं संसाधनों के संयमित उपयोग को लेकर किया गया आह्वान आज समय की मांग है। वैश्विक ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों के इस कठिन दौर में पेट्रोल-डीजल जैसे मूल्यवान संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करना हम सभी का राष्ट्रीय दायित्व है।