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छत्तीसगढ़ में जड़ी, बूटी, औषधीय पौधे उगाओ, एडवांस में लाखों पाओ, राज्य सरकार ने जारी की प्रोत्साहन राशि

छत्तीसगढ़ सरकार औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के लिए नारायणपुर और धमतरी जिलों के किसानों को चौवन लाख से अधिक की अग्रिम प्रोत्साहन राशि दे रही है।...और पढ़ें

By Sandeep TiwariEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Tue, 11 Aug 2026 12:04:21 PM (IST)Updated Date: Tue, 11 Aug 2026 12:12:53 PM (IST)
छत्तीसगढ़ में जड़ी, बूटी, औषधीय पौधे उगाओ, एडवांस में लाखों पाओ, राज्य सरकार ने जारी की प्रोत्साहन राशि
औषधीय पौधों की पैदावार को प्रोत्साहित करने वाली योजना। एआई

HighLights

  1. औषधीय खेती के लिए अग्रिम प्रोत्साहन राशि वितरित
  2. किसानों को शुरुआती खर्च के लिए नहीं मिलेगा कर्ज
  3. राज्य औषधीय पादप बोर्ड दे रहा निःशुल्क पौधे

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में औषधीय पौधों की खेती को प्रोत्साहित करने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में, नारायणपुर और धमतरी जिले के किसानों को 54.36 लाख रुपये की अग्रिम प्रोत्साहन राशि वितरित की जा रही है। इस आर्थिक मदद से किसानों को कृषि कार्यों के लिए साहूकारों या बैंकों से कर्ज लेने की मजबूरी से राहत मिलेगी।

यह योजना मुख्य रूप से तीन मॉडलों—क्लस्टर, व्यक्तिगत किसान और स्व-सहायता समूह मॉडल पर संचालित की जा रही है। क्लस्टर मॉडल के तहत क्षेत्र के कई किसान मिलकर खेती करते हैं, जिससे उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ फसल की खरीदी और परिवहन बेहद आसान हो जाता है। वहीं, धमतरी के 25 गांवों में लगभग 45 स्व-सहायता समूह 115 एकड़ जमीन पर ब्राह्मी, वच, खस, लेमनग्रास और शतावर जैसी मूल्यवान फसलें उगा रहे हैं।


यह है लाभ उठाने की प्रक्रिया

औषधीय खेती से जुड़ने वाले किसानों को राज्य औषधीय पादप बोर्ड की ओर से कई प्रकार की सुविधाएं दी जा रही हैं। किसानों को निःशुल्क पौधे, विशेष प्रशिक्षण और अध्ययन भ्रमण का लाभ मिलता है। इसके अलावा, उत्पादित फसलों की सुगम बिक्री के लिए विभिन्न संस्थाओं के साथ अनुबंध कर पक्की खरीदी व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

योजना का लाभ कैसे उठाएं

इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसान व्यक्तिगत रूप से, क्लस्टर बनाकर या स्व-सहायता समूहों के माध्यम से राज्य औषधीय पादप बोर्ड से संपर्क कर सकते हैं। बोर्ड द्वारा किसानों को निःशुल्क पौधे, तकनीकी प्रशिक्षण, और अग्रिम प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है ताकि वे आर्थिक तंगी के बिना सुरक्षित रूप से लाभकारी औषधीय फसलों की खेती शुरू कर सकें।

प्रमुख औषधीय पौधे

ब्राह्मी: यह एक प्रमुख औषधीय पौधा है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से स्मरण शक्ति बढ़ाने, मानसिक तनाव को कम करने और मस्तिष्क संबंधी विकारों को दूर करने वाली आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण में किया जाता है। इसकी खेती से किसानों को अच्छा मुनाफा मिलता है।

वच: वच का उपयोग पारंपरिक चिकित्सा और आयुर्वेद में वात और कफ रोगों के निवारण के साथ-साथ वाणी से संबंधित समस्याओं के उपचार में किया जाता है। इसकी जड़ों की बाजार में अच्छी मांग है।

खस: खस अपनी ठंडी तासीर और सुगंधित जड़ों के लिए प्रसिद्ध है। इसके तेल और जड़ों का उपयोग इत्र, कूलिंग पैड्स, और कॉस्मेटिक उत्पादों के निर्माण में किया जाता है, जिससे इसकी व्यावसायिक कीमत काफी अधिक होती है।

लेमनग्रास: यह एक ऐसा औषधीय पौधा है जिससे निकलने वाले सुगंधित तेल का उपयोग साबुन, सौंदर्य प्रसाधन और एंटी-सेप्टिक दवाइयों में किया जाता है। इसकी खेती कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली मानी जाती है।

शतावर: शतावर एक प्रमुख जड़ी-बूटी है जिसका उपयोग रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, टॉनिक बनाने और स्वास्थ्य वर्धक आयुर्वेदिक औषधियों के निर्माण में बहुतायत से किया जाता है।