

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ तथा प्रभावी बनाने के लिए पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के विस्तार की कवायद तेज हो गई है। इसके तहत राजधानी रायपुर में नवा रायपुर, स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट और विधानसभा क्षेत्र को कमिश्नरी सीमा के दायरे में शामिल किए जाने की जोरदार मांग उठ रही है।
प्रशासनिक गलियारों में इस बात की भी संभावना जताई जा रही है कि स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के अवसर पर सरकार दुर्ग और बिलासपुर जैसे प्रमुख जिलों में भी पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने की घोषणा कर सकती है।
लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की सीमाओं के पुनर्गठन की मांग उठाई है। उन्होंने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया है कि कमिश्नरेट लागू होने से वरिष्ठ अधिकारियों के स्वीकृत पद तो 19 से बढ़कर 37 हो गए हैं, लेकिन मैदानी स्तर पर आरक्षक, प्रधान आरक्षक, एएसआइ, एसआइ और निरीक्षकों की भारी कमी बनी हुई है। जिसे दूर करना अत्यंत आवश्यक है।
पुलिस बल की कमी के चलते कानून-व्यवस्था पर असर पड़ रहा है, जिसे दूर करने के लिए 660 रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती करने की आवश्यकता है। इससे पहले बृजमोहन राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को भी प्रस्ताव भेज चुके हैं।
विस्तारित क्षेत्र: रायपुर कमिश्नरी का दायरा बढ़ने से नवा रायपुर और एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील व महत्वपूर्ण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था सीधे उच्चाधिकारियों के नियंत्रण में आ जाएगी।
संभावित घोषणाएं: आगामी स्वतंत्रता दिवस पर दुर्ग और बिलासपुर में नई प्रणाली लागू होने से शहरी क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण और ट्रैफिक प्रबंधन में सुधार होने की उम्मीद है।
बल की पूर्ति: कमिश्नरेट प्रणाली की सफलता के लिए मैदानी अमले और रिक्त पदों को भरना प्रशासन की प्राथमिक प्राथमिकता बन गया है।