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छत्‍तीसगढ़ के नगरीय निकायों में अब नया नियम लागू, बिना मंजूरी के नहीं चल सकेंगे पानी से जुड़े प्रोजेक्‍ट

अब नई पेयजल परियोजनाओं के प्रस्ताव संबंधित विभागों से आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद ही तैयार किए जाएंगे।

By Abhishek RaiEdited By: Akash Pandey
Publish Date: Tue, 30 Jun 2026 05:41:41 PM (IST)Updated Date: Tue, 30 Jun 2026 05:41:41 PM (IST)
छत्‍तीसगढ़ के नगरीय निकायों में अब नया नियम लागू, बिना मंजूरी के नहीं चल सकेंगे पानी से जुड़े प्रोजेक्‍ट
नई पेयजल परियोजनाओं के प्रस्ताव अब संबंधित विभागों की मंजूरी( एआई फोटो)

HighLights

  1. नई पेयजल परियोजनाओं के प्रस्ताव अब संबंधित विभागों की मंजूरी के बाद ही तैयार होंगे
  2. जल स्रोत चयन से लेकर डीपीआर तक संयुक्त निरीक्षण और विभागीय अनुमति अनिवार्य
  3. तमाम विभागों की भूमि से गुजरने वाली पाइपलाइन के लिए पहले अनुमति लेनी होगी

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। प्रदेश के नगरीय निकायों में अब नई पेयजल परियोजनाओं के प्रस्ताव संबंधित विभागों से आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद ही तैयार किए जाएंगे। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस संबंध में नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह निर्देश सभी नगर निगम आयुक्तों, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों के मुख्य अधिकारियों के लिए लागू होंगे। इसका उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

संयुक्त निरीक्षण के बाद बनेगी डीपीआर

नई व्यवस्था के तहत किसी भी पेयजल परियोजना के लिए पहले उपयुक्त सतही जल स्रोत का चयन किया जाएगा। इसके लिए जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) और विभागीय तकनीकी अधिकारी संयुक्त निरीक्षण करेंगे। जल संसाधन विभाग से जल उपयोग की अनुमति मिलने के बाद ही विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।


भूमि और विभागीय अनुमति पहले जरूरी

इंटेकवेल, सब-स्टेशन, जल शोधन संयंत्र, उच्च स्तरीय जलागार और अन्य आवश्यक अवसंरचनाओं के निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि का चयन कर संबंधित विभागों से अनुमति और भूमि उपलब्धता की प्रक्रिया पहले पूरी करनी होगी।

यदि परियोजना की पाइपलाइन राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, रेलवे या अन्य विभागों के अधीन क्षेत्र से गुजरती है, तो संबंधित विभागों की पूर्व स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा।

बिजली कंपनी से भी लेनी होगी सहमति

नगरीय निकायों को प्रस्तावित विद्युत सब-स्टेशन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड से बिजली आपूर्ति की सहमति भी लेनी होगी। इसके साथ ही परियोजना में शामिल अन्य विभागों द्वारा किए जाने वाले कार्यों की लागत संबंधित विभागों से पहले ही निर्धारित और प्रमाणित करानी होगी।

विभाग ने सभी नगरीय निकायों को निर्देश दिए हैं कि इन दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए पेयजल परियोजनाओं के प्रस्ताव समयबद्ध तरीके से तैयार कर शासन को भेजे जाएं।

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