

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। प्रदेश में अच्छी बारिश का असर अब बांधों और जलाशयों के जलस्तर पर दिखाई देने लगा है। राज्य के 46 बांधों में जलभराव का स्तर 85.20 प्रतिशत पहुंच गया है। इनमें 12 बड़े और 34 मध्यम बांध शामिल हैं। लगातार हो रही बारिश से जलाशयों में पानी की आवक बनी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ने की संभावना है।
प्रदेश के तीन बड़े बांध खारंग, मनियारी और कोडार पूरी तरह भर चुके हैं। वहीं, दो मध्यम बिलासपुर का घोंघा और दुर्ग का खपरी बांध भी लबालब हो गया है। जलाशयों की स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग पानी की आवक और जलस्तर पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
30 जून को प्रदेश के बांधों में औसत जलभराव 50.53 प्रतिशत था। 31 जुलाई तक यह बढ़कर 79.72 प्रतिशत हो गया था। अब यह आंकड़ा 85.20 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। पिछले वर्ष की समान अवधि में बांधों में 72.64 प्रतिशत जलभराव था। इस लिहाज से इस वर्ष जलभराव करीब 12.56 प्रतिशत अधिक है। बांधों में जलभराव से खरीफ फसलों की सिंचाई के साथ आगामी महीनों में पेयजल और औद्योगिक जरूरतों के लिए भी पानी की उपलब्धता बेहतर रहने की उम्मीद है। लगातार बारिश के मद्देनजर विभाग जलाशयों की स्थिति पर नजर रख रहा है और आवश्यकता के अनुसार जल प्रबंधन की तैयारी भी की जा रही है।
बांधों में 31 जुलाई और नौ अगस्त तक जलभराव की स्थिति
मिनीमाता बांगो - 83.35 - 90.31
गंगरेल जलाशय- 67.82 - 82.59
तांदुला जलाशय- 66.58 - 73.77
दुधावा- 93.59 - 86.09
सिकासार- 93.97 - 77.66
खारंग जलाशय- 100 - 100
सोंदूर- 84.56 - 83.53
मुरूमसिल्ली- 84.33 - 88.11
कोडार बांध- 87.90 - 100
मनियारी जलाशय - 100 - 100
केलो बांध- 40.45 - 37.03
अरपा भैंसाझार- 25.14 - 38.64
वर्तमान जल भंडारण न केवल खरीफ फसलों के लिए बल्कि आगामी रबी सीजन की सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उद्योगाें को भी पर्याप्त जल उपलब्ध होगा।
- डाॅ. जीके दास, मौसम विज्ञानी, इंदरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर