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छत्तीसगढ़ के बांध लबालब होने की राह पर, अबतक 85 प्रतिशत से ज्यादा भराव, सिंचाई का हुआ इंतजाम

छत्तीसगढ़ में लगातार अच्छी बारिश से राज्य के 46 बांधों में जलभराव का स्तर 85.20 प्रतिशत पहुंच गया है, जो पिछले साल से करीब 12 प्रतिशत अधिक है। खारंग, ...और पढ़ें

By Abhishek RaiEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Tue, 11 Aug 2026 02:51:48 PM (IST)Updated Date: Tue, 11 Aug 2026 02:54:27 PM (IST)
छत्तीसगढ़ के बांध लबालब होने की राह पर, अबतक  85 प्रतिशत से ज्यादा भराव, सिंचाई का हुआ इंतजाम
महानदी पर बना बैराज। अर्काइव

HighLights

  1. प्रदेश के तीन बड़े और दो मध्यम बांध पूरी तरह से लबालब, पिछले साल की तुलना में जलस्तर 12 प्रतिशत अधिक
  2. छत्तीसगढ़ में अच्छी बारिश के कारण राज्य के 46 प्रमुख बांधों में जलभराव का स्तर 85 प्रतिशत से अधिक पहुंचा
  3. जलाशयों में भरपूर पानी होने से खरीफ फसलों की सिंचाई और आगामी महीनों में पेयजल की उपलब्धता रहेगी बेहतर

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। प्रदेश में अच्छी बारिश का असर अब बांधों और जलाशयों के जलस्तर पर दिखाई देने लगा है। राज्य के 46 बांधों में जलभराव का स्तर 85.20 प्रतिशत पहुंच गया है। इनमें 12 बड़े और 34 मध्यम बांध शामिल हैं। लगातार हो रही बारिश से जलाशयों में पानी की आवक बनी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ने की संभावना है।

प्रदेश के तीन बड़े बांध खारंग, मनियारी और कोडार पूरी तरह भर चुके हैं। वहीं, दो मध्यम बिलासपुर का घोंघा और दुर्ग का खपरी बांध भी लबालब हो गया है। जलाशयों की स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग पानी की आवक और जलस्तर पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।


अब 85 प्रतिशत पहुंचा जल भराव

30 जून को प्रदेश के बांधों में औसत जलभराव 50.53 प्रतिशत था। 31 जुलाई तक यह बढ़कर 79.72 प्रतिशत हो गया था। अब यह आंकड़ा 85.20 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। पिछले वर्ष की समान अवधि में बांधों में 72.64 प्रतिशत जलभराव था। इस लिहाज से इस वर्ष जलभराव करीब 12.56 प्रतिशत अधिक है। बांधों में जलभराव से खरीफ फसलों की सिंचाई के साथ आगामी महीनों में पेयजल और औद्योगिक जरूरतों के लिए भी पानी की उपलब्धता बेहतर रहने की उम्मीद है। लगातार बारिश के मद्देनजर विभाग जलाशयों की स्थिति पर नजर रख रहा है और आवश्यकता के अनुसार जल प्रबंधन की तैयारी भी की जा रही है। -- -- -- -- -

बांधों में 31 जुलाई और नौ अगस्त तक जलभराव की स्थिति

मिनीमाता बांगो - 83.35 - 90.31

गंगरेल जलाशय- 67.82 - 82.59

तांदुला जलाशय- 66.58 - 73.77

दुधावा- 93.59 - 86.09

सिकासार- 93.97 - 77.66

खारंग जलाशय- 100 - 100

सोंदूर- 84.56 - 83.53

मुरूमसिल्ली- 84.33 - 88.11

कोडार बांध- 87.90 - 100

मनियारी जलाशय - 100 - 100

केलो बांध- 40.45 - 37.03

अरपा भैंसाझार- 25.14 - 38.64

रबी सीजन के लिए महत्वपूर्ण

वर्तमान जल भंडारण न केवल खरीफ फसलों के लिए बल्कि आगामी रबी सीजन की सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उद्योगाें को भी पर्याप्त जल उपलब्ध होगा।

- डाॅ. जीके दास, मौसम विज्ञानी, इंदरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर