
रामकृष्ण डोंगरे, नईदुनिया, रायपुर। सिंधी सनातनी समुदाय की महान आध्यात्मिक संत और शदाणी दरबार की पांचवीं पीठाधीश्वर माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती के ऐतिहासिक अवसर पर गुरुवार को राजधानी रायपुर में एक गरिमाममय समारोह आयोजित किया जा रहा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इस भव्य समारोह में माता साहिब हासी देवी के स्मरण में तैयार किए गए 200 रुपये के स्मारक सिक्के और विशेष डाक टिकट का विमोचन करेंगी। इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में शामिल होने के लिए अमरावती सहित देश-विदेश के विभिन्न स्थानों से शदाणी दरबार के बड़ी संख्या में श्रद्धालु रायपुर पहुंचे हैं।
प्रसिद्ध मुद्राशास्त्री सुधीर लूणावत ने इस स्मारक सिक्के की विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि इस विशेष सिक्के का वजन 35 ग्राम है, जिसे कोलकाता टकसाल में तैयार किया गया है। इस सिक्के की धातु संरचना में शुद्धता और मजबूती का विशेष ध्यान रखा गया है—इसमें 50 प्रतिशत चांदी, 40 प्रतिशत तांबा, पांच प्रतिशत निकल और पांच प्रतिशत जस्ता शामिल है। यह सिक्का माता साहिब हासी देवी के अद्वितीय आध्यात्मिक योगदान, त्याग और समाजसेवा की चिरस्थाई स्मृति के रूप में जारी किया जा रहा है।
शदाणी दरबार के सचिव उदय सांई ने इस पल को सिंधी समाज के लिए गौरवशाली और ऐतिहासिक क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि माता साहिब हासी देवी का संपूर्ण जीवन आध्यात्मिकता, लोक-कल्याण और मानवता के प्रति समर्पण की मिसाल रहा है।
माता साहिब हासी देवी का जन्म वर्ष 1826 में अविभाजित भारत के सिंध प्रांत स्थित खानपुर महार में हुआ था। मात्र 26 वर्ष की अल्प आयु में उन्होंने शदाणी दरबार की पांचवीं पीठाधीश्वर के रूप में गुरु गद्दी संभाली और अगले 57 वर्षों तक पूरी निष्ठा के साथ इस आध्यात्मिक दायित्व का निर्वहन किया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने समाज में शिक्षा, भजन, संस्कृति और जरूरतमंदों की सेवा को नई दिशा दी।
उन्होंने विशेष रूप से हिंदी, संस्कृत और संगीत की शिक्षा को प्रोत्साहित किया। इसके अलावा, विधवाओं, अनाथों, गरीबों और निराश्रितों की सहायता के लिए उनके द्वार हमेशा खुले रहे। मानव सेवा को ही अपना सबसे बड़ा धर्म मानने वाली इन महान संत का 30 अप्रैल 1909 को देवलोकगमन हुआ था।
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विमोचन समारोह के पश्चात आमजन और श्रद्धालुओं के लिए इस स्मारक सिक्के की बुकिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। जानकारी के अनुसार, सिक्के की बुकिंग शदाणी दरबार की विभिन्न इकाइयों तथा कोलकाता टकसाल की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से की जा सकेगी।
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