
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी के टिकरापारा थाना क्षेत्र के संजय नगर (मदनी चौक) में बंद मकान से पांच शव बरामद किए गए हैं। मृतकों में पति-पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलते ही टिकरापारा पुलिस और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम मौके पर पहुंच गई है। पुलिस ने मकान को सील कर साक्ष्य जुटाना शुरू कर दिया है।
यह परिवार पिछले आठ महीनों से यहां एक मकान में किराए पर रह रहा था। पड़ोसियों ने बताया कि गुरुवार शाम से घर का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी समय तक कोई हलचल न होने पर जब संदेह हुआ, तो आस-पास के लोगों ने देखा कि भीतर शव पड़े हुए हैं। इसके तुरंत बाद पुलिस को मामले की सूचना दी गई।
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक मृतकों में साजिद अली (50 वर्ष) का शव फंदे से लटका मिला। वहीं उसकी पत्नी राबिया, पुत्र इरशाद अली (19 वर्ष), पुत्री शाहिदा (17 वर्ष) और इरशाबा बेगम (16 वर्ष) के शव कमरे में मिले, मुंह और नाक से झाग निकला दिखाई दे रहा है। आशंका जताई जा रही है कि बाकी सदस्यों की मौत किसी विषाक्त पदार्थ के सेवन से हुई है।
साजिद अली मौदहापारा में बैटरी रिपेयरिंग का काम करता था। स्थानीय लोगों के अनुसार परिवार पर कुछ कर्ज (लोन) था, जिसकी वसूली के लिए रिकवरी कर्मी अक्सर वहां आते थे। आर्थिक तंगी के कारण परिवार में आपसी विवाद होने की बात भी सामने आ रही है।
घटना की खबर मिलते ही इलाके में भारी संख्या में लोग एकत्रित हो गए, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिसअधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए शव पीएम के लिए आंबेडकर अस्पताल भेज दिया गया है। सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है।
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