.webp)
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। भाजपा नेता और पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मुख्य अभियंता विजय कुमार भतपहरी के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपित भतपहरी को पद से हटाने और उनके खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की है। ननकीराम ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्य सचिव विकासशील और पीडब्ल्यूडी सचिव कमलप्रीत सिंह को पत्र लिखा है।
भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के गंभीर आरोप
ननकीराम कंवर ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि मुख्य अभियंता विजय कुमार भतपहरी ने अपने कार्यकाल के दौरान नियम विरुद्ध तरीके से चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया। आरोप है कि व्यापक भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के जरिए न केवल शासन की छवि धूमिल की गई, बल्कि सरकारी खजाने को करोड़ों की चपत लगाई गई।
फाइलों में दबे पुराने मामले
पत्र में इस बात का विशेष उल्लेख है कि भतपहरी के खिलाफ वर्ष 2011 और 2015 में एंटी करप्शन ब्यूरो और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामले (अपराध क्र. 56/2011 व 45/2015) दर्ज किए गए थे। कंवर का आरोप है कि अपनी ऊंची राजनीतिक पहुंच और काली कमाई के दम पर भतपहरी ने अब तक इन जांचों को दबाए रखा है।
करोड़ों का भुगतान और गायब दस्तावेज
कंवर ने शिकायत पत्र में बताया कि वर्ष 2003 में राजनांदगांव संभाग में पदस्थापना के दौरान मानपुर-संबलपुर मार्ग निर्माण के लिए स्वीकृत 6.95 करोड़ रुपये के बदले भतपहरी ने करीब 10 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया। मुख्य तकनीकी परीक्षक की जांच में 4.37 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च और महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों (माप पुस्तिका) का गुम होना पाया गया था, जिसे गंभीरता से नहीं लिया गया। पूर्व गृह मंत्री ने विभागीय पदोन्नति (डीपीसी) की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं।
सीबीआई जांच की मांग बदनामी की साजिश : विजय भतपहरी
इधर विजय कुमार भतपहरी ने पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे छवि धूमिल करने का प्रयास बताया है। उन्होंने नईदुनिया से चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि जिस मामले को लेकर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है, वह करीब 15 साल पुराना है और वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है।
यह भी पढ़ें- दोस्ती की आड़ में डिजिटल डकैती : दुकानदारों के मोबाइल से लेता था लोन, शातिर ठग छिंदवाड़ा से गिरफ्तार