
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। त्योहारी सीजन के बीच विधानसभा थाना क्षेत्र में लूट की वारदात हुई। बाइक सवार दो बदमाशों ने गैस एजेंसी के सुपरवाइजर की आंखों में मिर्च पाउडर झोंककर उनसे 1.27 लाख रुपये लूट लिए। बदमाश पीड़ित का मोबाइल भी छीनकर फरार हो गए। वारदात गुरुवार शाम करीब साढ़े पांच बजे मोतीनगर में कचना खेल मैदान के पास हुई। घटना के समय सुपरवाइजर के साथ एजेंसी में हमाली का काम करने वाले कामता धीवर भी मौजूद थे। बाइक पन्नालाल चला रहे थे।
घटना की सूचना मिलते ही विधानसभा सीएसपी वीरेंद्र चतुर्वेदी, थाना प्रभारी सहित पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालकर बदमाशों की पहचान करने में जुटी है।
ऑफिस बंद कर लौट रहे सुपरवाइजर को बनाया निशाना
पुलिस के अनुसार, लूट का शिकार पन्नालाल मैकाहा इंडियन गैस एजेंसी में गोदाम सुपरवाइजर हैं। एजेंसी पिरदा में संचालित है, जबकि उनका कार्यालय शंकर नगर में है। गुरुवार को कार्यालय बंद करने के बाद पन्नालाल बाइक से पिरदा लौट रहे थे। उनके साथ एजेंसी में हमाली का काम करने वाले कामता धीवर भी थे। बाइक पन्नालाल चला रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार दो बदमाश उनका पीछा करते हुए पहुंचे।
कचना खेल मैदान के पास सुनसान जगह देखकर बदमाशों ने उनकी बाइक को ओवरटेक कर रास्ता रोक लिया। इसके बाद बदमाशों ने अचानक पन्नालाल की आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया। आंखों में तेज जलन होने से वह असहज हो गए। इसी मौके का फायदा उठाकर बदमाशों ने उनके पास मौजूद नकदी से भरा बैग छीन लिया और फरार हो गए।
वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाशों ने पन्नालाल का मोबाइल भी छीन लिया। इससे वह तत्काल किसी परिचित या पुलिस को घटना की सूचना नहीं दे सके। आंखों में मिर्च पाउडर पड़ने से परेशान पन्नालाल को देखकर आसपास से गुजर रहे लोग मदद के लिए पहुंचे। लोगों ने उनकी आंखों में पानी डालकर राहत पहुंचाने की कोशिश की। इसके बाद दूसरे व्यक्ति की मदद से डायल-112 पर फोन कर पुलिस को लूट की सूचना दी गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वारदात के बाद बदमाश रिंग रोड-3 की ओर भागे। इस मार्ग से बिलासपुर और मंदिर हसौद की तरफ जाने के रास्ते हैं। पुलिस बदमाशों के संभावित भागने के रास्तों की पड़ताल कर रही है। घटनास्थल और आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की जा रही है, ताकि बाइक सवारों की पहचान और उनकी आवाजाही का पता लगाया जा सके।
सुपरवाइजर के कार्यालय से लौटने के दौरान पीछा कर सुनसान जगह पर रास्ता रोकना और नकदी के साथ मोबाइल भी लूट लेना कई सवाल खड़े करता है। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि बदमाशों को सुपरवाइजर की गतिविधियों और उनके पास मौजूद नकदी की जानकारी कैसे मिली।