

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। इंटरनेट मीडिया पर भगवान शिव के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है, और इस मामले में पुलिस की जांच अब उत्तर प्रदेश तक जा पहुंची है। रायपुर पुलिस की साइबर टीम ने अपनी तकनीकी जांच के दौरान यह पाया है कि क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष अरुण पन्नालाल द्वारा जिस फेसबुक पोस्ट पर अभद्र टिप्पणी की गई थी, उस विवादित टिप्पणी से जुड़ी आइडी को 'हंसराज गोयल' नामक व्यक्ति के नाम से चलाया जा रहा था।
शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि हंसराज गोयल के नाम से संचालित यह फेसबुक प्रोफाइल एक फर्जी आइडी थी, जिसे उत्तर प्रदेश के अलग-अलग ठिकानों से संचालित किया जा रहा था।
पुलिस की ओर से जब इस संदिग्ध फेसबुक प्रोफाइल की से छानबीन की गई, तो कई अन्य संदिग्थ जानकारियां भी हाथ लगीं। प्रोफाइल की टाइमलाइन और पुरानी गतिविधियों की जांच में पुलिस को कई ऐसे पोस्ट मिले हैं, जिनमें जातिगत और धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाली सामग्री होने का दावा किया जा रहा है। इन तमाम पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस फर्जी पहचान के पीछे असल में कौन सा व्यक्ति या कौन सा गिरोह सक्रिय है।
सहायक पुलिस आयुक्त (सिविल लाइन) रमाकांत साहू ने बताया कि सिविल लाइन थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीमें तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तफ्तीश कर रही हैं। पुलिस के तकनीकी विशेषज्ञ अकाउंट से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों, आईपी एड्रेस और पोस्ट की टाइमलाइन की पड़ताल कर रहे हैं। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश में उन संभावित ठिकानों की पहचान कर दबिश भी दी जा रही है जहां से इस फर्जी आइडी को ऑपरेट किया जा रहा था।
अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकरण में केवल मुख्य आइडी संचालक तक ही सीमित नहीं रहा जा रहा है, बल्कि इस पोस्ट और टिप्पणी से जुड़े अन्य संदेहास्पद लोगों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। पुलिस का मानना है कि सभी डिजिटल साक्ष्य पूरी तरह से एकत्र होने के बाद आरोपी की असली पहचान खुलकर सामने आ जाएगी। साक्ष्य पुख्ता होने के बाद आरोपी के खिलाफ कानून के सुसंगत प्रावधानों के तहत बेहद कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की आपत्तिजनक गतिविधियों की पुनरावृत्ति न हो।