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छत्तीसगढ़ में ‘लइका चिन्हारी’ एप से होगी ड्रॉपआउट बच्चों की डिजिटल पहचान, स्कूल लाने पर मिलेंगे 500 रुपये

छत्तीसगढ़ में स्कूल से ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ‘लइका चिन्हारी’ मोबाइल एप तैयार किया गया है।

By Vakesh SahuEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Tue, 25 Aug 2026 08:49:41 AM (IST)Updated Date: Tue, 25 Aug 2026 08:56:49 AM (IST)
छत्तीसगढ़ में ‘लइका चिन्हारी’ एप से होगी ड्रॉपआउट बच्चों की डिजिटल पहचान, स्कूल लाने पर मिलेंगे 500 रुपये
Laika Chinhari mobile App: ‘लइका चिन्हारी’ एप से होगी स्कूल से ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान (फाइल फोटो)

HighLights

  1. सर्वेकर्ता को प्रति चिन्हांकित छात्र 20 रुपये मिलेंगे
  2. स्कूल में तीन माह बनाए रखने पर 500 रुपये मिलेंगे
  3. सभी भुगतान जिलों से डीबीटी के जरिए होंगे

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूल से ड्रॉपआउट बच्चों (स्कूल छोड़ चुके बच्चों) को फिर से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। शाला अप्रवेशी, शाला त्यागी और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान के लिए राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा ने ‘लइका चिन्हारी’ मोबाइल एप (Laika Chinhari App) तैयार कराया है। इसके जरिए मैदानी स्तर पर घर-घर सर्वे कर बच्चों का डिजिटल रिकार्ड बनाया जाएगा।

सर्वे के बाद चिन्हांकित बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाने के साथ उनकी पढ़ाई जारी रखने की भी निगरानी की जाएगी। विभाग का उद्देश्य केवल ऐसे बच्चों को तलाशना नहीं, बल्कि उन्हें दोबारा स्कूल से जोड़कर शिक्षा में बनाए रखना है।


माध्यमिक स्तर पर 13.8 प्रतिशत ड्रापआउट

छत्तीसगढ़ में माध्यमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर करीब 13.8 प्रतिशत बताई गई है। इसे देखते हुए विभाग ने सर्वे और बच्चों के स्कूल में पुनः प्रवेश पर विशेष ध्यान दिया है। सर्वे कार्य के लिए स्थानीय स्तर पर साक्षरता प्रेरकों और अतिथि शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी। योग्य स्थानीय लोगों के साथ जरूरत पड़ने पर नियमित शासकीय कर्मचारियों से भी सर्वे कराया जा सकेगा।

एप पर रजिस्ट्रेशन, संकुल समन्वयक करेंगे सत्यापन

चयनित सर्वेकर्ता अपने एंड्राइड मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर से ‘लइका चिन्हारी’ एप डाउनलोड करेंगे। एप में नाम, मोबाइल नंबर, बसाहट, स्कूल सहित जरूरी जानकारी दर्ज कर स्वयं रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद संबंधित संकुल समन्वयक अपनी संकुल ID से सर्वेकर्ता के चयन और पात्रता का ऑनलाइन सत्यापन करेंगे। सत्यापन के बाद ही प्रोत्साहन राशि की पात्रता मिलेगी।

पहचान से स्कूल में बनाए रखने तक प्रोत्साहन

एप में चिन्हांकित प्रत्येक छात्र की प्रविष्टि और सत्यापन पूरा होने पर सर्वेकर्ता को 20 रुपये प्रति छात्र दिए जाएंगे। वहीं, बच्चे का स्कूल में प्रवेश कराने और उसे कम से कम तीन माह तक स्कूल में बनाए रखने के बाद प्राचार्य के सत्यापन पर 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी।

माध्यमिक स्तर के बच्चों को छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल के माध्यम से परीक्षा दिलाने पर भी 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि का प्रविधान है। सभी भुगतान जिलों के माध्यम से डीबीटी के जरिए किए जाएंगे।