
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। महासमुंद के बलौदा-बेलमुंडी में पांच हीरे मिलने के बाद एनसीएल के निदेशक मंडल ने महासमुंद जिले के बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लाक में लार्ज डायमीटर (बड़े व्यास) की ड्रिलिंग शुरू करने को हरी झंडी दी है। यह निर्णय क्षेत्र में हीरों के भंडार के वैज्ञानिक आकलन और भविष्य में व्यावसायिक खनन का मार्ग प्रशस्त करेगा। बड़े व्यास की ड्रिलिंग के जरिए किम्बरलाइट पाइप में मौजूद हीरा भंडार का सटीक आकलन किया जाएगा। ड्रिलिंग से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर विस्तृत 'व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जो व्यावसायिक खनन शुरू करने का आधार बनेगी। बैठक में खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद, सीएमडीसी के प्रबंध संचालक रजत बंसल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
एनसीएल ने स्ट्रीम सेडिमेंट सैंपलिंग और भू-भौतिकीय सर्वेक्षण के माध्यम से इस क्षेत्र में किम्बरलाइट पाइप की पहचान की थी। इसके बाद लगभग 200 टन बल्क सैंपल का परीक्षण एनएमडीसी के पन्ना स्थित डायमंड प्रोसेसिंग प्लांट में किया गया, जिसमें 1.22 कैरेट वजन के पांच प्राकृतिक हीरे मिले थे। इस सफलता ने क्षेत्र में हीरा युक्त भू-संरचना की वैज्ञानिक पुष्टि कर दी है। जानकारों का मानना है कि बोत्सवाना, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के पैटर्न को देखें, तो यह प्रारंभिक सफलता भविष्य में बड़े व्यावसायिक भंडार का संकेत हो सकती है।
छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह ने कहा कि खनिज संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग देश की आर्थिक प्रगति के लिए अनिवार्य है। उन्होंने विश्वास जताया कि बलौदा-बेलमुंडी हीरा परियोजना छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख हीरा उत्पादक राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने में ऐतिहासिक साबित होगी।