

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आर्थिक सहायता देने वाली 'महतारी वंदन योजना' से जुड़ने के लिए राज्य की करीब 10 लाख महिलाएं नए पंजीयन का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं। इनमें अकेले बस्तर संभाग की लगभग दो लाख महिलाएं शामिल हैं। योजना के संचालन को दो वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन नए हितग्राहियों के लिए नियमित रूप से पोर्टल नहीं खोला गया है, जिसके कारण पात्र महिलाएं लगातार वंचित हो रही हैं।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में इस समय अजीब सी स्थिति देखने को मिल रही है। एक ही परिवार के भीतर साथ रहने वाली जेठानी को जहां इस योजना का नियमित लाभ मिल रहा है, वहीं पंजीयन न होने के कारण देवरानी इस लाभ से दूर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने अगस्त 2025 में बस्तर संभाग के कुछ खास सुरक्षा शिविरों के दायरे में सीमित अवधि के लिए पोर्टल खोला था, जिसमें मात्र सात हजार महिलाओं का पंजीयन हो पाया था।
महिलाओं में इस योजना को लेकर कितनी उत्सुकता है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विगत वर्ष 'सुशासन तिहार' के दौरान विभाग को दो लाख से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए थे। पोर्टल न खुलने के कारण ये सभी आवेदन फिलहाल धूल खा रहे हैं। मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सुशासन तिहार के दौरान जनता को पोर्टल जल्द खोलने का आश्वासन दिया था, लेकिन तीन महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी फाइल वित्त विभाग में अटकी हुई है।
यदि भविष्य में पोर्टल खुलता है, तो आवेदन करने से पहले महिलाओं को यह जान लेना जरूरी है कि इसके लिए कौन से वर्ग अपात्र माने गए हैं:
इधर,, महतारी वंदन योजना' का दायर बढ़ाने की भी बात सामने आ रही है। 40 वर्ष से अधिक उम्र की अविवाहित महिलाओं को भी योजना में शामिल करने की दिशा में प्रयास शुरू हो गया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि महतारी वंंदन योजना में 40 वर्ष से अधिक की अविवाहित महिलाओं को शामिल किया जाएगा। योजना का पोर्टल खुलने पर ऐसी महिलाएं पंजीकरण कर सकेंगी। विभाग से जुड़े अधिकारियों का भी कहना है कि इस बात पर मंथन चल रहा है कि किस प्रकार पात्रता के नियमों को सरल बनाते हुए इस नई श्रेणी की महिलाओं को योजना से जोड़ा जाए। हालांकि, अंतिम निर्णय राज्य सरकार को करना है।