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महतारी वंदन योजना: जेठानी पाए और इठलाए, देवरानी कुढ़-कुढ़ जाए, पोर्टल खुलने की बाट जोहती दस लाख महिलाएं

छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना का लाभ लेने के लिए करीब दस लाख महिलाएं नए पंजीयन का इंतजार कर रही हैं। दो साल से अधिक समय बीतने के बाद भी नियमित रूप स...और पढ़ें

By Abhishek RaiEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Thu, 13 Aug 2026 11:31:16 AM (IST)Updated Date: Thu, 13 Aug 2026 11:32:48 AM (IST)
महतारी वंदन योजना: जेठानी पाए और इठलाए, देवरानी कुढ़-कुढ़ जाए, पोर्टल खुलने की बाट जोहती दस लाख महिलाएं
महतारी वंदन योजना के नए आवेदकों के लिए पोर्टल खुलने के इंतजार से जुड़ा प्रतीकात्मक एआई चित्र।

HighLights

  1. दस लाख महिलाएं नए पंजीयन का कर रहीं इंतजार
  2. वित्त विभाग के पास अटका नया पोर्टल खोलने का प्रस्ताव
  3. सुशासन तिहार में मिले दो लाख से ज्यादा आवेदन

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आर्थिक सहायता देने वाली 'महतारी वंदन योजना' से जुड़ने के लिए राज्य की करीब 10 लाख महिलाएं नए पंजीयन का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं। इनमें अकेले बस्तर संभाग की लगभग दो लाख महिलाएं शामिल हैं। योजना के संचालन को दो वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन नए हितग्राहियों के लिए नियमित रूप से पोर्टल नहीं खोला गया है, जिसके कारण पात्र महिलाएं लगातार वंचित हो रही हैं।

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में इस समय अजीब सी स्थिति देखने को मिल रही है। एक ही परिवार के भीतर साथ रहने वाली जेठानी को जहां इस योजना का नियमित लाभ मिल रहा है, वहीं पंजीयन न होने के कारण देवरानी इस लाभ से दूर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने अगस्त 2025 में बस्तर संभाग के कुछ खास सुरक्षा शिविरों के दायरे में सीमित अवधि के लिए पोर्टल खोला था, जिसमें मात्र सात हजार महिलाओं का पंजीयन हो पाया था।


सुशासन तिहार के आवेदन खा रहे धूल

महिलाओं में इस योजना को लेकर कितनी उत्सुकता है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विगत वर्ष 'सुशासन तिहार' के दौरान विभाग को दो लाख से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए थे। पोर्टल न खुलने के कारण ये सभी आवेदन फिलहाल धूल खा रहे हैं। मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सुशासन तिहार के दौरान जनता को पोर्टल जल्द खोलने का आश्वासन दिया था, लेकिन तीन महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी फाइल वित्त विभाग में अटकी हुई है।

योजना के लिए कौन हैं अपात्र?

यदि भविष्य में पोर्टल खुलता है, तो आवेदन करने से पहले महिलाओं को यह जान लेना जरूरी है कि इसके लिए कौन से वर्ग अपात्र माने गए हैं:

  • आयकरदाता, सरकारी कर्मचारी, पूर्व व वर्तमान सांसद-विधायक।
  • सरकारी बोर्ड व निगम के पदाधिकारी के परिवार।
  • जो महिलाएं छत्तीसगढ़ की मूल या स्थानीय निवासी नहीं हैं।
  • 1 जनवरी की स्थिति में 21 वर्ष से कम आयु वाली महिलाएं।

दायरा बढ़ाने की भी तैयारी

इधर,, महतारी वंदन योजना' का दायर बढ़ाने की भी बात सामने आ रही है। 40 वर्ष से अधिक उम्र की अविवाहित महिलाओं को भी योजना में शामिल करने की दिशा में प्रयास शुरू हो गया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि महतारी वंंदन योजना में 40 वर्ष से अधिक की अविवाहित महिलाओं को शामिल किया जाएगा। योजना का पोर्टल खुलने पर ऐसी महिलाएं पंजीकरण कर सकेंगी। विभाग से जुड़े अधिकारियों का भी कहना है कि इस बात पर मंथन चल रहा है कि किस प्रकार पात्रता के नियमों को सरल बनाते हुए इस नई श्रेणी की महिलाओं को योजना से जोड़ा जाए। हालांकि, अंतिम निर्णय राज्य सरकार को करना है।