
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। राज्य सरकार ने खाद वितरण में टोकन व्यवस्था को समाप्त कर दिया है, जिससे अब किसानों को किस्तों की बजाय पर्याप्त खाद प्राप्त होगी। राज्य के किसानों को अब खाद खरीदने के लिए पहले की तरह टोकन लेने की आवश्यकता नहीं होगी। वे सीधे सहकारी समितियों और निर्धारित केंद्रों से अपनी आवश्यकता के अनुसार खाद प्राप्त कर सकेंगे।
पहले बड़े किसानों को तीन टोकन, मध्यम किसानों को दो टोकन और छोटे किसानों को एक टोकन दिया जाता था, जिससे समय पर खाद न मिलने के कारण किसानों में रोष उत्पन्न हो गया था।
'नईदुनिया' ने इस मुद्दे को उजागर करते हुए आठ जून 2026 को एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसमें बताया गया था कि किस तरह किसानों को किस्तों में खाद मिलने और कालाबाजारी के कारण समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य सरकार ने इस पर संज्ञान लेते हुए व्यवस्था में बदलाव किया है, जिससे प्रदेश के 40 लाख से अधिक किसानों ने राहत की सांस ली है। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से खरीफ सीजन के दौरान खाद वितरण प्रक्रिया और अधिक सरल, तेज और सुविधाजनक होगी, जिससे किसानों को खेती-किसानी के कार्यों में सहूलियत मिलेगी।
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कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य में खाद का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। इसी को ध्यान में रखते हुए टोकन प्रणाली को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है, ताकि किसानों को खाद लेने के लिए अनावश्यक इंतजार या बार-बार केंद्रों के चक्कर न लगाने पड़ें।