
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। घरेलू विवाद के दौरान पत्नी पर पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाने वाले पति खेमराज महेश्वरी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने स्पष्ट टिप्पणी की कि इस तरह के जघन्य अपराध में किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती। अदालत ने आरोपित पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला चतुर्थ सत्र न्यायाधीश जितेंद्र प्रधान की अदालत ने सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता रश्मि रानी ने बताया कि घटना 17 जनवरी 2024 की शाम तेलीबांधा थाना क्षेत्र के लाभांडी स्थित जैतखांभ चौक की है। आरोपित खेमराज महेश्वरी और उसकी पत्नी अमरिका महेश्वरी के बीच घरेलू विवाद हुआ था। आरोपित कोई काम नहीं करता था, जिसके कारण पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था।
बच्चों के सामने पत्नी को लगाई आग
घटना वाले दिन विवाद बढ़ने पर आरोपित ने पत्नी से मायके जाने को कहा। पत्नी के इनकार करने पर वह बाहर से प्लास्टिक की बोतल में पेट्रोल लेकर आया और उसके ऊपर पेट्रोल छिड़ककर लाइटर से आग लगा दी। घटना के समय दंपती के बच्चे भी घर में मौजूद थे। गंभीर रूप से झुलसी अमरिका को पहले एम्स और बाद में डीकेएस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतका की मां सोना बाई जांगड़े की शिकायत पर तेलीबांधा थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। पुलिस ने 19 जनवरी 2024 को आरोपित को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया।
पहला अपराध होने की दलील भी नहीं आई काम
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि यह आरोपित का पहला अपराध है, इसलिए सजा में नरमी बरती जाए। हालांकि अदालत ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि पत्नी पर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने जैसा अपराध अत्यंत क्रूर और जघन्य है। ऐसे मामलों में सहानुभूति या उदारता का कोई आधार नहीं बनता। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने खेमराज महेश्वरी को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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