

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया.रायपुर। सरकारी सेवा पूरी करने के बाद कर्मचारियों को अक्सर अपने बकाये, पेंशन और ग्रेच्युटी के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। इस आम समस्या को दूर करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन के महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग ने कर्मचारी-हितैषी पहल की है। विभागीय मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति से जुड़े लाभ के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कर्मचारी को उसकी सेवानिवृत्ति के दिन ही सभी वैधानिक लाभ और आवश्यक आदेश मिल जाएं। इसमें पेंशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण और अन्य सभी देयक शामिल हैं। इस व्यवस्था से कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद अनावश्यक भागदौड़ से मुक्ति मिलेगी और उनका जीवन सम्मानजनक तरीके से आगे बढ़ सकेगा।
अक्सर यह देखा जाता है कि दस्तावेजों की प्रक्रिया में देरी या प्रशासनिक अनुमोदन समय पर न मिलने के कारण भुगतान अटक जाता है। मंत्री ने साफ कर दिया है कि ऐसी लापरवाही अब बिल्कुल स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और समय सीमा का पालन करने के लिए शासन स्तर पर सख्त रुख अपनाया गया है।
प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए शासन, विभागाध्यक्ष और अधीनस्थ कार्यालय स्तर पर चेकलिस्ट आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली लागू की गई है। इसके तहत प्रत्येक कार्यालय आगामी समय में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की सूची तैयार करेगा और उनके प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाएगी।