रायपुर में जमीन के नाम पर 51 लाख की ठगी, विवादित प्लॉट को खुद का बताकर किया सौदा, आरोपी पर केस दर्ज
रायपुर के मोवा में बिना मालिकाना हक के विवादित जमीन का सौदा कर 51 लाख रुपये ठगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपित वैष्णव तांडी पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
Publish Date: Thu, 29 Oct 2026 12:23:07 PM (IST)Updated Date: Thu, 29 Oct 2026 12:23:07 PM (IST)
रायपुर में जमीन के नाम पर 51 लाख की ठगी। (एआई जनरेटेड)HighLights
- मोवा में विवादित जमीन का सौदा, 51 लाख की ठगी।
- आरोपित वैष्णव तांडी ने खुद को बताया था जमीन मालिक।
- पीड़ित सचिन सलूजा ने पंडरी थाने में दर्ज कराई शिकायत।
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर : मोवा इलाके में जमीन का मालिक बने बिना उसे बेचने का सौदा कर 51 लाख रुपये ले लिए गए। शिकायतकर्ता सचिन सिंह सलूजा का आरोप है कि वैष्णव तांडी ने खुद को जमीन का मालिक बताकर उसके साथ विक्रय इकरारनामा किया और अलग-अलग समय पर अग्रिम राशि के रूप में 51 लाख रुपये ले लिए। बाद में पता चला कि संबंधित जमीन का स्वामित्व वैष्णव के पास नहीं है और जमीन को लेकर पहले से न्यायालय में विवाद चल रहा है। शिकायत की जांच के बाद पंडरी थाने अपराध दर्ज किया गया है।
गुढ़ियारी के सचिन सिंह सलूजा ने की शिकायत
- पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, गुढ़ियारी स्थित साम्राज्य रेजीडेंसी निवासी सचिन सिंह सलूजा ने मोवा क्षेत्र की करीब 0.405 हेक्टेयर जमीन खरीदने के लिए वैष्णव तांडी से संपर्क किया था। एक जुलाई 2025 को दोनों के बीच गवाहों की मौजूदगी में नोटरीकृत विक्रय इकरारनामा किया गया।
इकरारनामा में वैष्णव ने जमीन को अपने द्वारा खरीदा हुआ और विवादरहित बताया था। इन दावों पर भरोसा करके सचिन ने जमीन खरीदने के लिए अलग-अलग समय पर अग्रिम राशि के रूप में कुल 51 लाख रुपये दे दिए। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस भुगतान से संबंधित कुछ बैंक अभिलेख भी उसके पास उपलब्ध हैं। दो भाइयों के बीच चल रहा है जमीन का विवाद
- शिकायत में बताया गया है कि रकम देने के बाद सचिन को जानकारी मिली कि संबंधित जमीन को लेकर देशपाल रायजादा और वीरेंद्र रायजादा के बीच रायपुर न्यायालय में सिविल प्रकरण लंबित है। यह मामला वर्ष 2024 का बताया गया है। इसके बाद जमीन के वास्तविक स्वामित्व और सौदे की स्थिति को लेकर संदेह गहराने लगा।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जानकारी जुटाने पर उसे पता चला कि वैष्णव तांडी ने अब तक संबंधित जमीन स्वयं खरीदी ही नहीं थी और जमीन का स्वामित्व भी उसके नाम पर नहीं आया था। इसके बावजूद उसने खुद को जमीन का मालिक बताते हुए सौदा किया और बड़ी रकम ले ली। रुपये मांगने पर टालमटोल का आरोप
सचिन सलूजा के अनुसार, जमीन के सौदे को लेकर संदेह होने पर उसने इकरारनामा के संबंध में सार्वजनिक सूचना प्रकाशित कर आपत्तियां आमंत्रित कीं। वहीं रकम वापस मांगने पर वैष्णव तांडी कथित तौर पर टालमटोल करता रहा और रुपये नहीं लौटाए।
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