रविवि डाकघर घोटाला, गबन का आंकड़ा 20 करोड़ पार, उपभोक्ता आयोग के फैसले से विभाग में हड़कंप
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (रविवि) स्थित उप डाकघर में सामने आए बचत घोटाले की जांच तेज हो गई है। जांच अधिकारियों के मुताबिक, गबन का यह आंकड़ा अब ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 08 Feb 2026 11:55:55 AM (IST)Updated Date: Sun, 08 Feb 2026 11:55:55 AM (IST)
रविवि डाकघर घोटालाHighLights
- रविवि उप डाकघर घोटाले की रकम 20 करोड़ पार
- उपभोक्ता आयोग ने 1.91 करोड़ भुगतान का आदेश
- विजिलेंस टीम में बदलाव, जांच हुई तेज
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (रविवि) स्थित उप डाकघर में सामने आए बचत घोटाले की जांच तेज हो गई है। जांच अधिकारियों के मुताबिक, गबन का यह आंकड़ा अब 20 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है। जांच में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए विजिलेंस टीम में बड़ा बदलाव किया गया है।
शनिवार को प्रधान डाकघर की वरिष्ठ पोस्ट मास्टर पूजा तिवारी को नया एएसपी विजिलेंस नियुक्त किया गया है। वहीं भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए कर्मचारियों को जांच के घेरे में लिया गया है।
1.91 करोड़ रुपये भुगतान करने का आदेश
पिछले दिनों राज्य उपभोक्ता आयोग ने पीड़ित अनिल पांडेय के पक्ष में फैसला सुनाते हुए डाक विभाग को 1.91 करोड़ रुपये भुगतान करने का आदेश सुनाया है। इस फैसले के बाद विभाग में खलबली मच गई है। पोस्ट मास्टर जनरल (पीएमजी) अजय सिंह चौहान ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।