
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी के सरोना स्थित कंपोजिट विदेशी शराब दुकान में सात लाख रुपये से अधिक की चोरी का पुलिस ने 15 दिन की पड़ताल के बाद राजफाश कर दिया है।
मामले में राजस्थान के बांसवाड़ा निवासी पवन कुमार पाटीकर, प्रकाश मईडा, सुनील चरपोटा और राम सिंह को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह का एक अन्य सदस्य अब भी फरार है। गिरफ्तार सभी आरोपितों का आपराधिक रिकॉर्ड है और वे हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, चोरी, नारकोटिक्स एक्ट तथा मारपीट जैसे मामलों में पहले भी जेल जा चुके हैं।
पुलिस के अनुसार 14 जून की सुबह सरोना रिंग रोड स्थित कंपोजिट विदेशी शराब दुकान का ताला टूटा मिला। जांच में पता चला कि बदमाश दुकान के भीतर रखा लाकर ही उखाड़कर ले गए, जिसमें 13 जून की बिक्री के 7,05,580 रुपये रखे थे। आरोपित दुकान में रखी शराब और सीसीटीवी का डीवीआर भी अपने साथ ले गए, ताकि पहचान के सबूत मिटाए जा सकें।
घटना के बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और आमानाका थाना पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई। टीम ने घटनास्थल और संभावित भागने के मार्गों पर लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर आरोपितों की लोकेशन राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में मिली। पुलिस टीम ने बांसवाड़ा में लगातार कैंप कर चारों आरोपितों को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में उन्होंने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। जांच में सामने आया कि फरार आरोपित पहले रायपुर आकर शराब दुकान की रेकी कर चुका था। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ योजना बनाई और सभी आरोपित चारपहिया वाहन से रायपुर पहुंचे। देर रात दुकान का ताला तोड़कर लाकर उखाड़ा, नकदी और शराब चोरी की तथा वारदात के बाद वापस राजस्थान फरार हो गए।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने दो लाख रुपये नकद, घटना में प्रयुक्त चारपहिया वाहन और चार मोबाइल फोन सहित करीब 15.50 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया है। पुलिस अब फरार आरोपित की तलाश में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपितों ने अन्य राज्यों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपित पवन कुमार पाटीकर पर लूट और नारकोटिक्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। प्रकाश मईडा हत्या, चोरी और मारपीट के मामलों में जेल जा चुका है। सुनील चरपोटा पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है, जबकि राम सिंह हत्या और चोरी के मामलों में पूर्व में जेल निरुद्ध रह चुका है।