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रायपुर के मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा शिक्षकों की भारी कमी, लेकिन फिर भी कर दिए तबादले... 417 में से 166 पद रिक्त

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज के 21 डॉक्टर प्राध्यापक बने हैं। लेकिन इसमें से 17 का अन्य मेडिकल कालेजों में स्थानांतरण कर दिया गया है। म...और पढ़ें

By Abhishek RaiEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Fri, 26 Jun 2026 11:14:40 AM (IST)Updated Date: Fri, 26 Jun 2026 11:14:40 AM (IST)
रायपुर के मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा शिक्षकों की भारी कमी, लेकिन फिर भी कर दिए तबादले... 417 में से 166 पद रिक्त
चिकित्सा शिक्षकों की कमी फिर भी तबादला (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. छत्तीसगढ़ में नए प्रमोशन से टेंशन बढ़ गई है
  2. चिकित्सा शिक्षकों की कमी फिर भी तबादला
  3. 21 डॉक्टर बने प्रोफेसर, 17 का कर दिया ट्रांसफर

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। राजधानी के मेडिकल कॉलेज के 21 डाक्टर प्राध्यापक बने हैं। लेकिन इसमें से 17 का अन्य मेडिकल कालेजों में स्थानांतरण कर दिया गया है। मेडिकल कालेज पहले से ही चिकित्सा शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। यहां पर स्वीकृत 417 में से 166 रिक्त हैं। 251 पदस्थ हैं, जिनमें 156 स्थायी और 95 संविदा के शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि चिकित्सा शिक्षकों की कमी से पीजी सीटें मिलने में परेशानी होती है। विगत वर्ष सर्जरी विभाग में चिकित्सा शिक्षकों की कमी की वजह से दो सीटें कम हो गई थीं।

प्रदेश के एक मात्र शासकीय डेंटल और दस मेडिकल कालेजों में स्वीकृत 1,934 पदों में से 985 पद रिक्त हैं, जो कुल पदों का करीब 51 प्रतिशत है। ऐसे ही रायपुर के दाऊ कल्याणसिंह स्नातकोत्तर व रिसर्च केंद्र और बिलासपुर के कुमार साहब स्व. श्री दिलीप सिंह जूदेव शासकीय सुपरस्पेशलिटी अस्पतालों में स्वीकृत 139 पदों में से 81 रिक्त हैं यानी 58 प्रतिशत पदों पर नियुक्तियां नहीं हो पाई हैं। प्रदेश के मेडिकल कालेजों में नई नियुक्तियां नहीं होने से मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं दोनों पर पड़ रहा है।


कई डॉक्टर छोड़ चुके हैं नौकरी

आंबेडकर अस्पताल और डीकेएस से करीब ढाई वर्षों में 100 से ज्यादा डाक्टर नौकरी छोड़ चुके हैं। सालों तक मरीजों की सेवा करने के बाद भी जब डाक्टरों को नियमित नहीं किया गया, तो उन्होंने मजबूरी में सरकारी नौकरी से किनारा कर लिया। विशेषज्ञों का कहना है कि स्थायी नियुक्ति नहीं होने से डाक्टरों में असुरक्षा की भावना है, जो इस संकट का एक बड़ा कारण है। यहां के डाक्टर नौकरी छोड़कर दूसरे मध्यप्रदेश, राजस्थान व अन्य राज्य जाने के लिए मजबूर हैं।

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रायपुर मेडिकल कालेज के इन विभागों से डाक्टरों का तबादला

विभाग- नाम- पदस्थापना

फारेंसिक विभाग- डा. स्निग्धा जैन- कवर्धा

फार्माकोलाजी- डा. अजय कुमार हलवाई- जांजगीर-चांपा

एनाटामी- डा. प्रवीण कुमार कुर्रे- कवर्धा

माइक्रोबायलाजी- डा. रूपम गहलौत- कवर्धा

मेडिसीन- डा. सुरेश चंद्रवंशी- कवर्धा

मेडिसीन- डा. अर्चना टोप्पो- दंतेवाड़ा

मेडिसीन- डा. मनीष पाटिल- जांजगीर-चांपा

गायनिक- डा. स्मृति नायक- मनेंद्रगढ़

ईएनटी- डा. मान्या ठाकुर- महासमुंद

ईएनटी- डा. दुर्गेश गजेन्द्र- दुर्ग

सर्जरी- डा. अमित अग्रवाल- दुर्ग

सर्जरी- डा. राजेन्द्र रात्रे- कवर्धा

संर्जरी- डा. सरिता अजगल्ले- जांजगीर-चांपा

दंतरोग- डा. गणेश कुमार कुमेठी- कांकेर

निश्चेतना- डा. रश्मि नायक- कवर्धा

चर्म रोग- डा. विनोद कोशले- महासमुंद

रेडियोथेरेपी- डा. राजीव रतन जैन- बिलासपुर।