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छत्तीसगढ़ के बाजारों में रक्षाबंधन पर धनवर्षा! 820 करोड़ का रिकॉर्ड कारोबार, अकेले राखी बाजार 650 करोड़ पार

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के अनुसार, छत्तीसगढ़ में रक्षाबंधन पर 715 से 820 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड कारोबार हुआ। इसमें 650 करोड़ तक की राखि...और पढ़ें

By Manish MishraEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Fri, 28 Aug 2026 11:19:32 PM (IST)Updated Date: Fri, 28 Aug 2026 11:19:32 PM (IST)
छत्तीसगढ़ के बाजारों में रक्षाबंधन पर धनवर्षा! 820 करोड़ का रिकॉर्ड कारोबार, अकेले राखी बाजार 650 करोड़ पार

HighLights

  1. प्रदेश में 715 से 820 करोड़ का कुल रक्षाबंधन कारोबार।
  2. 575 से 650 करोड़ रुपये का रहा राखी का बाजार।
  3. मिठाई, कपड़ों व उपहारों पर 170 करोड़ तक का खर्च।

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: इस वर्ष रक्षाबंधन पर प्रदेश के बाजारों में जमकर खरीदारी हुई। कन्फेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के आकलन के अनुसार प्रदेश में करीब 715 से 820 करोड़ रुपये की आर्थिक गतिविधियां हुईं। इसमें 575 से 650 करोड़ रुपये का राखी कारोबार तथा 140 से 170 करोड़ रुपये की मिठाई, ड्राई फ्रूट्स, कपड़े, फैशन एक्सेसरीज, एफएमसीजी गिफ्ट पैक, आभूषण और इलेक्ट्रानिक उत्पादों की खरीद शामिल है।

कैट के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन व राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य अमर पारवानी ने बताया कि रायपुर सहित बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई, राजनांदगांव, कोरबा, अंबिकापुर और जगदलपुर के बाजारों में अच्छी ग्राहकी रही। इस बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वोकल फार लोकल अभियान का भी असर दिखाई दिया।


हस्तनिर्मित राखियों, स्थानीय कारीगरों, महिला स्वयं सहायता समूहों और एमएसएमई के उत्पादों की मांग बढ़ी। कैट प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन ने कहा कि त्योहार स्थानीय व्यापार और रोजगार को मजबूती देते हैं।

त्योहारों से मजबूत होती ‘सनातन अर्थव्यवस्था

कैट के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन अमर पारवानी ने कहा कि भारत के त्योहार केवल धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों के बड़े केंद्र भी हैं। दीपा वली, होली, नवरात्र, गणेश उत्सव, दुर्गा पूजा, ईद, क्रिसमस, छठ पूजा और रक्षाबंधन जैसे पर्व किसानों, कारीगरों, शिल्पकारों, महिला उद्यमियों, परिवहन, सेवा क्षेत्र और व्यापारियों के लिए रोजगार व आय के अवसर बढ़ाते हैं। रक्षाबंधन भी भाई-बहन के रिश्ते के साथ व्यापार के लिए महत्वपूर्ण अवसर बन चुका है। इससे स्थानीय बाजारों में मांग बढ़ती है और अर्थव्यवस्था को गति मिलती है।

मिठाई-ड्राई फ्रूट्स पर 25 प्रतिशत खर्च का अनुमान

कैट के बाजार आकलन के मुताबिक 140 से 170 करोड़ रुपये के अतिरिक्त उत्सवीय खर्च में करीब 25 प्रतिशत मिठाई व ड्राई फ्रूट्स, 20 प्रतिशत परिधान व फैशन एक्सेसरीज, 20 प्रतिशत एफएमसीजी गिफ्ट पैक, 15 प्रतिशत इलेक्ट्रानिक उत्पाद, 10 प्रतिशत सोने-चांदी व आभूषण तथा 10 प्रतिशत अन्य उपहार वस्तुओं पर खर्च हुआ।

कैट छत्तीसगढ़ के चेयरमैन जितेन्द्र दोशी, विक्रम सिंहदेव, वाइस चेयरमैन सुरिन्दर सिंह, जीवत बजाज, प्रदेश महामंत्री अवनीत सिंह, प्रदेश कोषाध्यक्ष विजय पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी, वासु माखीजा, राम मंधान, भरत जैन, राकेश ओचवानी व शंकर बजाज ने भी स्थानीय कारोबार में आई तेजी को उत्साहजनक बताया।