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मुस्लिम युवक गरबा में अपनी मां, बहन, बेटियों के साथ हों शामिल, बोले- छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डाॅ. सलीम राज

छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने शारदीय नवरात्रि के गरबा आयोजनों को लेकर मुस्लिम समाज के युवाओं से अपील की है। उन्होंने कहा कि गर...और पढ़ें

By Manish MishraEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Sat, 03 Oct 2026 10:36:24 PM (IST)Updated Date: Sat, 03 Oct 2026 10:37:53 PM (IST)
मुस्लिम युवक गरबा में अपनी मां, बहन, बेटियों के साथ हों शामिल, बोले- छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डाॅ. सलीम राज
डाॅ. सलीम राज। - फाइल फोटो

HighLights

  1. गरबा में शामिल होने से पहले आयोजकों से अनुमति लें
  2. पारंपरिक रीति रिवाज और नियमों का करें सम्मान
  3. पहचान छिपाकर प्रवेश करने वालों पर हो एफआईआर

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। शारदीय नवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश में गरबा महोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी पृष्ठभूमि में छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने गरबा आयोजनों में मुस्लिम युवाओं की सहभागिता को लेकर बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि गरबा केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि मां दुर्गा की आराधना से जुड़ा एक पवित्र धार्मिक अनुष्ठान है। इसलिए इसमें भाग लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति को आयोजन के धार्मिक नियमों, आस्था और मर्यादाओं का पूरी निष्ठा से पालन करना चाहिए।

डॉ. राज ने मुस्लिम युवाओं से आह्वान किया कि यदि वे गरबा उत्सव में शामिल होना चाहते हैं, तो उन्हें अपने परिवार की महिलाओं—मां, बहनों और बेटियों के साथ जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपनी पारिवारिक मर्यादा को बनाए रखते हुए शामिल होना ही उचित है और युवाओं को दूसरे समाज की महिलाओं के साथ गरबा करने से बचना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पंडाल में जाने से पहले युवाओं को आयोजन से जुड़ी परंपराओं जैसे पूजा, तिलक और कलावा का पूर्ण सम्मान करना चाहिए।


पहचान छिपाने और असामाजिक कृत्यों पर कड़ी आपत्ति

वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने गरबा आयोजनों के दौरान कथित छेड़छाड़ और 'लव जिहाद' जैसी शिकायतों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि कोई भी व्यक्ति अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर या छद्म नाम का सहारा लेकर पंडालों में प्रवेश न करे। यदि कोई व्यक्ति पहचान बदलकर प्रवेश करता हुआ पाया जाए, तो उसके खिलाफ तुरंत पुलिस में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई जानी चाहिए।

आयोजकों को पहचान सत्यापन और सुरक्षा बढ़ाने की सलाह

उन्होंने सभी गरबा आयोजन समितियों से अपील की है कि वे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क रहें। प्रवेश द्वारों पर पहचान पत्रों की अनिवार्य जांच की पुख्ता व्यवस्था की जाए, ताकि असामाजिक तत्वों को रोका जा सके। केवल अधिकृत और अनुशासित व्यक्तियों को ही प्रवेश मिले, जिससे धार्मिक उत्सव सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके।