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पिता की हत्या के बाद मां छोड़कर चली गई, अकेले नशे और झगड़े का आदी हो गया, 10 वर्षीय बालक की देखरेख कर रही पुलिस

डोंगरगढ़ पुलिस ने एक 10 वर्षीय बालक के मामले में कार्रवाई को केवल अपराध तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसके सुरक्षित भविष्य और पुनर्वास के लिए मानवीय पहल की...और पढ़ें

By Vikram bajpeyeeEdited By: manoj dubey
Publish Date: Fri, 14 Aug 2026 09:03:43 PM (IST)Updated Date: Fri, 14 Aug 2026 09:12:03 PM (IST)
पिता की हत्या के बाद मां छोड़कर चली गई, अकेले नशे और झगड़े का आदी हो गया, 10 वर्षीय बालक की देखरेख कर रही पुलिस
प्रतीकात्मक फोटो एआई से बनाई गई है।

HighLights

  1. राजनांदगांव जिले की डोंगरगढ़ पुलिस ने मानवीय पहल की
  2. रिपोर्ट दर्ज कर बालक को संरक्षणात्मक अभिरक्षा में लिया
  3. पुलिस ने बालक के भविष्य को बनाया प्राथमिकता

नईदुनिया न्यूज, राजनांदगांव। डोंगरगढ़ पुलिस ने एक 10 वर्षीय बालक के मामले में कार्रवाई को केवल अपराध तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसके सुरक्षित भविष्य और पुनर्वास के लिए मानवीय पहल की। पिता की कई वर्ष पहले हत्या हो चुकी थी और मां उसे छोड़कर चली गई थी।

अकेले रहने के दौरान बालक नशे और लड़ाई-झगड़े का आदी हो गया था। पुलिस ने बालक को संरक्षण में लेकर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने के बाद रायपुर के नशामुक्ति केंद्र में दाखिल कराया।


रिपोर्ट दर्ज कर बालक को संरक्षणात्मक अभिरक्षा में लिया

नौ अगस्त को चमगेदरी पारा निवासी एक व्यक्ति ने डोंगरगढ़ थाने में शिकायत की थी कि उसका नाबालिग पुत्र हाईस्कूल मैदान में खेलने गया था। वहां करीब 10 वर्षीय बालक ने उसके पुत्र को आहत कर दिया। सूचना पर पुलिस ने रोजनामचा में रिपोर्ट दर्ज कर बालक को संरक्षणात्मक अभिरक्षा में लिया।

पूछताछ में पता चला कि बालक के पिता की कई वर्ष पहले हत्या हो चुकी है। मां भी उसे छोड़कर चली गई है। वह घर में अकेला रहता था और नशे के साथ लड़ाई-झगड़े का आदी हो गया था।

पुलिस ने बालक के भविष्य को बनाया प्राथमिकता

मामला पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के संज्ञान में आने के बाद बालक के सर्वोत्तम हित में उचित व्यवस्था के निर्देश दिए गए। उद्देश्य था कि उसे सुरक्षित वातावरण, भोजन और रहने की व्यवस्था के साथ नशे की लत से बाहर निकलने के लिए आवश्यक सहायता मिल सके।

नशामुक्ति केंद्र, रायपुर में दाखिल कराया गया

डोंगरगढ़ की प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक सुमन जायसवाल ने बालक को बाल कल्याण समिति, राजनांदगांव के समक्ष प्रस्तुत किया। काउंसलिंग और आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद बालक को बेहतर भविष्य और पुनर्वास के उद्देश्य से नई उम्मीद नशामुक्ति केंद्र, रायपुर में दाखिल कराया गया।

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