
नईदुनिया प्रतिनिधि, राजनांदगांव-खैरागढ़। जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत केसीजी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। खैरागढ़ और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मंगलवार को खैरागढ़ स्थित राजपूत ढाबा के पास एक किराये के मकान में छापा मारकर अवैध शराब बाटलिंग और रिफिलिंग के संगठित कारोबार का राजफाश किया है।
कार्रवाई के दौरान चार आरोपितों को गिरफ्तार किया गया, जो कथित रूप से अंग्रेजी शराब में पानी मिलाकर उसे दोबारा पैक कर बाजार में बेच रहे थे।

पुलिस ने मौके से 34 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब, सैकड़ों नकली ढक्कन, लेबल, होलोग्राम और खाली शराब की बोतलें जब्त की हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 22 हजार 320 रुपये बताई जा रही है। पकड़े गए चार आरोपितों में दो आरोपित शराब दुकान में सुपरवाइजर और सेल्समेन हैं।
नकली शराब बनाने की जिम्मेदारी इन्हीं दोनों के कंधों पर थी। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि खैरागढ़ में राजपूत होटल के बाजू स्थित एक मकान में कुछ लोग मिलावटी शराब तैयार कर उसकी अवैध बिक्री कर रहे हैं।
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सूचना मिलते ही थाना खैरागढ़ और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मौके पर दबिश दी। इस दौरान आरोपी भागवत वर्मा और त्रिलोक यादव को रंगे हाथ शराब की बाटलिंग एवं रिफिलिंग करते पकड़ा गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपित अंग्रेजी शराब की बोतलों में पानी और संदिग्ध तरल पदार्थ मिलाकर उन्हें दोबारा सील कर रहे थे। इसके लिए नकली ढक्कन, लेबल और होलोग्राम का उपयोग किया जा रहा था, ताकि शराब असली प्रतीत हो और ग्राहकों को धोखे में रखकर बेचा जा सके।

मामले में गातापारा सनडोंगरी निवासी खैरागढ़ शराब दुकान के सेल्समेन 26 वर्षीय भागवत वर्मा, बालोद दल्लीराजहारा के गैरेजपारा कुसमकसा निवासी खैरागढ़ शराब दुकान के सेल्समेन 29 वर्षीय त्रिलोक यादव, दंतेवाड़ा के वार्ड 15 रेस्ट हाउस निवासी 43 वर्षीय शक्ति नारायण सिंह झा, बालोद के डौंडी वार्ड दो निवासी जालबांधा शराब दुकान के सुपरवाइजर 31 वर्षीय तिपेश कुमार सोनी को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 130 नग गोवा स्पेशल व्हिस्की की सीलबंद बोतलें, 10.5 लीटर संदिग्ध तरल पदार्थ, 67 खाली शराब बोतलें, 203 ढक्कन, 720 लेबल स्टीकर, होलोग्राम, वाटर केन, जेरिकेन और अन्य उपकरण जब्त किए हैं।
आरोपितों के खिलाफ आबकारी एक्ट की विभिन्न धाराओं सहित भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध रिफिलिंग और मिलावटी शराब का कारोबार लोगों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। कई मामलों में ऐसी शराब के सेवन से गंभीर बीमारी, आंखों की रोशनी जाने और यहां तक कि मौत तक की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई न केवल कानून व्यवस्था बल्कि जनस्वास्थ्य की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।