
नईदुनिया प्रतिनिधि, राजनांदगांव। महतारी वंदन योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं को एक बार फिर ई-केवाईसी की प्रक्रिया से गुजरना होगा। जिले में 2,55, 344 हितग्राहियों को योजना का लाभ मिल रहा है। हितग्राहियों का नए सिरे से ई-केवाईसी किया जाएगा।
आधार कार्ड और बैंक पास बुक में हितग्राहियों के नाम का मिलान किया जाएगा। यदि नाम में किसी तरह की त्रुटि पाई जाती है, तो संशोधन फार्म भरकर जमा करना होगा।
कुछ माह पहले ही सात हजार से अधिक महिलाओं की ई-केवाईसी की गई थी। अब फिर से उन्हें ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी। बिना ई-केवाईसी के खाते में एक हजार रुपये की राशि नहीं आएगी। एक साल के भीतर तीन हजार से अधिक अपात्र हिताग्राहियों के योजना से नाम काटे गए हैं। इनमें से कुछ की मृत्यु भी हो चुकी थी।
योजना के अंतर्गत नए आवेदन की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हो पाई है। महिलाएं नया फार्म आने का इंतजार कर रही हैं। बता दें कि सीएम विष्णुदेव साय ने विगत माह सुराज अभियान के दौरान महतारी वंदन योजना का फिर से फार्म लेने की घोषणा की थी। ताकि छूटी हुई महिलाओं को योजना का लाभ मिल सके। लेकिन अब तक नए फार्म के लिए कोई आदेश नहीं आया है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि बैंक खाते में योजना की राशि नहीं आने के कई कारण हैं, जिसमें प्रमुख रूप से आधार कार्ड 10 साल से पुराना हो जाता है और अगर वह बायोमैट्रिक रूप से अपडेट नहीं है तो यह एक्टिव नहीं माना जाता है। जिस बैंक खाते में योजना की राशि भेजी जा रही थी अगर वह बंद हो चुका है तो भी राशि ट्रांसफर नहीं होती है।
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महतारी वंदन योजना का लाभ ले रहीं हितग्राहियों को ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है। हितग्राहियों को सूचित किया जा रहा है। कुछ लोगों का ई-केवाईसी नहीं होने के कारण एनइएफटी किया गया था।
-गुरप्रीत कौर, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग