
नईदुनिया प्रतिनिधि, राजनांदगांव। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में हुए करीब 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले की आंच अब राजनांदगांव जिले तक पहुंच गई है। शुक्रवार सुबह सात बजे EOW-ACB की टीम ने व्यापारी जग बग्गा और वैभव गोलछा के ठिकानों पर दबिश दी। व्यापारियों के लालबाग और सनसिटी स्थित आवास में जांच चल रही है।

जग बग्गा होटल, ऑटो मोबाइल और कृषि के कारोबार से जुड़े हुए हैं। वहीं वैभव गोलछा का मुख्य कारोबार मेटल्स और रेत खदान का रहा है। दोनों ही पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और उनके सुपुत्र हरीश लखमा के करीबी रहे हैं। बताया जाता है कि सनसिटी में टीम ने सिक्योरिटी गार्ड का फोन बरामद करने के बाद दबिश देकर जांच शुरू की।
EOW के रडार में आए दोनों ही व्यापारियों के लखमा परिवार से संबंध शुरू से चर्चित रहे हैं। जग बग्गा के होटल रैलीज का दिसंबर 2020 और रैलीज मोटो के प्लांट का अगस्त 2022 में उद्घाटन कवासी लखमा के ही हाथों हुआ था। वे राजनांदगांव दौरे के दौरान रैलीज होटल में ही रुकते थे।

ऐसी आशंका है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान इन दोनों व्यापारियों के सहारे राजनांदगांव में करोड़ों का निवेश किया गया। इसमें डोंगरगांव तहसील और छुरिया तहसील में सैकड़ों एकड़ की कृषि भूमि की भी जानकारी सामने आती है। इस संबंध में कई बार हरीश लखमा के राजनांदगांव जिले के इन क्षेत्रों में दौरे की खबरें भी आती रही हैं। कुछ समय पहले ही इनमें से कुछ कृषि भूमि की बिक्री किए जाने की अपुष्ट खबरें सामने आई थीं।
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बहरहाल, दोनों व्यापारियों पर EOW की छापेमारी ने कई संदेह को बल दिया है। पूरे मामले में दस्तावेजों और संबंधों की जांच के साथ निवेश और संपत्ति के बड़े रहस्य उजागर होने का अनुमान लगाया जा रहा है। टीम के अफसर व्यापारियों के घरों में जांच में जुटे हुए हैं। किसी भी सदस्य का भीतर आना-जाना प्रतिबंधित है।