सुकमा में माओवाद का अंत, अंतिम दो महिला माओवादी ने किया आत्मसमर्पण, दोनों पर था 8-8 लाख का इनाम
सुकमा में पिछले चार दशक से जिले के विभिन्न इलाकों में माओवाद का कब्जा रहा है। लेकिन जवानों के दृढ़ संकल्प और सफल आपरेशन के चलते आज जिले से माओवाद का अ ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 31 Mar 2026 06:08:45 PM (IST)Updated Date: Tue, 31 Mar 2026 06:08:45 PM (IST)
आत्म समर्पण की अंतिम फोटो, जिसमें माओवादी महिला और अधिकारी।HighLights
- सुकमा में 4 दशक पुराने आतंक का सफाया
- दो महिला इनामी माओवादियों ने किया सरेंडर
- आटोमैटिक हथियार समेत 10 लाख बरामद
नईदुनिया प्रतिनिधि, सुकमा। पिछले चार दशक से जिले के विभिन्न इलाकों में माओवाद का कब्जा रहा है। लेकिन जवानों के दृढ़ संकल्प और सफल आपरेशन के चलते आज जिले से माओवाद का अंत हो गया है। अंतिम दो महिला माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्म समर्पण किया है जिन पर 8—8 लाख का इनाम राशि घोषित थी। वही दूसरी और जवानों को जिले के जंगलों में आटोमैटिक हथियार समेत 10 लाख की नगद राशि बरामद हुई है। एसपी किरण चव्हाण ने कहा कि अब सुकमा पुरी तरह माओवाद मुक्त हो गया है लेकिन अभी भी जंगलों में ऑपरेशन समय-समय पर चलाए जाएंगे।
दो महिला माओवादी ने आत्म समर्पण किया
मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाईन में दोपहर 1 बजे पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण, सीआरपीएफ डीआईजी आंनद सिंह के समक्ष दो महिला माओवादी ने आत्म समर्पण किया है। पुलिस के अनुसार जनिला उर्फ मड़कम हिंडमे जो जिले के किस्टाराम थाना क्षेत्र एलमागुंड़ा की रहने वाली थी। जिस पर 8 लाख का इनाम घोषित था। वहीं दूसरी महिला माओवादी सोनी उर्फ माड़वी कोसी जो गोरगुंड़ा निवासी है जिस पर 8 लाख का इनाम घोषित है। दोनों महिला माओवादी पिछले कई सालो से जिले के अलग-अलग घटनाओं में सक्रिय रहे है।
इस आत्म समर्पण के बाद कोई भी आत्म समर्पण कार्यक्रम नहीं होगा। इस दौरान एएसपी आईपीएस रोहित शाह, एएसपी अभिषेक वर्मा, एसडीओपी परमेश्वर तिलकवार, मनीष रात्रे, रोहित शुक्ला, रजत नाग समेत सभी डीआरजी कमांडर और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
सर्चिंग में हथियार और पैसे बरामद
वहीं दूसरी और जिले के जंगलों में जवानों के सर्चिग दौरान भारी मात्रा में पैसे और हथियार बरामद हुए है। जिसमें 10 लाख नगद और इंसास एलएमजी, एके 47 दो नग, 303 रायफल 3 नग, एके 47 राउंड 14 नग और 303 राउंड़ 13 नग बरामद किए गए है। ये सारे हथियार और पैसे माओवादियों द्वारा जंगल में छुपा कर रखा गया था।
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ऑपरेशन और जनहित कार्य जारी रहेगे
एसपी किरण चव्हाण ने कहा कि सुकमा जिले से माओवाद लगभग खत्म हो चुका है। उसके बाद भी एहतियात बरतते हुए जवान छोटे-छोटे ऑपरेशन करती रहेगी। साथ ही माओवाद प्रभावित इलाकों में सड़को का निर्माण, स्वास्थ्य सुविधाएं और शासन की योजनाएं पहुंचाने का काम अब जवान करेंगे।
उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी और जवानों की मेहनत के कारण तय सीमा पर माओवाद को खत्म कर पाए है। क्योंकि सुकमा जिले में माओवादियों की बटालियन से निपटना बहुत चुनौतीपूर्ण था लेकिन जवानों के हौसलों के आगे माओवाद परास्त हुआ है।