वाकेश साहू, नईदुनिया रायपुर। माध्यमिक शिक्षा मंडल में 12वीं बोर्ड परीक्षा के हिंदी का पेपर लीक होने के बाद अकादमिक कैलेंडर बिगड़ गया है। उम्मीद थी कि मई के पहले सप्ताह परिणाम आ जाएंगे। इसके साथ ही माशिमं दो बार परीक्षा कराने की पद्धति को समय पर पूरा कर पाएगा, लेकिन अब व्यवस्था बिगड़ने से परीक्षार्थियों का भविष्य भी संकट में आ गया है।
माशिमं ने दोबारा 10 अप्रैल को परीक्षा लेने का निर्णय लिया है। ऐसे में 12वीं गणित, जीव विज्ञान, कला और वाणिज्य सहित सभी संकायों के परीक्षार्थी दुविधा में फंस गए हैं कि वह कॉलेज में दाखिले के लिए राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करें या फिर हिंदी के प्रश्न पत्र को हल करने की तैयारी पर लगें।
विद्यार्थियों के लिए मुसीबत
सबसे बड़ा नुकसान विद्यार्थियों को झेलना पड़ेगा। फिर से होने पेपर होने के कारण परिणाम आने में देरी तय है। जहां पहले रिजल्ट 10 मई के आसपास जारी होता था अब इसके जून में आने की संभावना है। इसका असर आर्ट्स, साइंस और कामर्स तीनों वर्गों के छात्रों पर पड़ेगा, खासकर उन पर जो मेडिकल, इंजीनियरिंग और एमबीए जैसे कोर्सों में प्रवेश की तैयारी कर रहे हैं।
लीक करने वाले का कोई ठोस सुराग नहीं
पुलिस ने रायपुर, बिलासपुर, कोरबा और रायगढ़ के आधा दर्जन से छात्रों के मोबाइल की जांच की गई व बयान लेने के बाद उन्हें छोड़ दिया। पुलिस अब तक वाट्सएप और टेलीग्राम पर प्रश्नपत्र फारवर्ड करने वालों तक ही पहुंच पाई है, लेकिन लीक करने वाले का कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। प्रश्नपत्र मंडल से लीक हुआ यह स्पष्ट नहीं हो पाया है।
अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई
परीक्षा की तैयारी तेज इधर मंडल की अध्यक्ष रेणु पिल्ले ने मंगलवार को अधिकारियों की बैठक ली। इसमें दोबारा परीक्षा कराने की तैयारियों, नए प्रश्न पत्र तैयार करने और परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। वहीं अध्यक्ष ने पेपर लीक जैसी लापरवाही पर अधिकारियों के प्रति नाराजगी भी जताई।
अन्य परीक्षाओं का शेड्यूल जिस पर असर आएगा
- 2 से 8 अप्रैल : जेईई मेन
- 17 मई : जेईई एडवांस्ड,
- 3 मई : नीट, यूजी परीक्षा
- 11 से 31 मई : कामन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट परीक्षा,
- 4 मई : आईपीमैट और एनपैट परीक्षा।
12वीं के बाद इन प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करते हैं छात्र
साइंस (इंजीनियरिंग, टेक्निकल): इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने छात्रों के लिए जेईई मेन और जेईई एडवांस्ड महत्वपूर्ण परीक्षाएं हैं। इनसे आइआइटी, एनआइटी और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश मिलता है। एमएचटी-सीईटी और केसीईटी जैसी राज्य स्तरीय परीक्षाएं भी इंजीनियरिंग कालेजों में दाखिले का अवसर देती हैं।
साइंस (मेडिकल, लाइफ साइंस) : मेडिकल क्षेत्र में जाने वाले छात्रों के लिए नीट-यूजी अनिवार्य है। इसी के आधार पर एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस जैसे कोर्सों में प्रवेश मिलता है। पहले अलग से होने वाली एम्स और जिपमर की परीक्षाएं अब नीट में शामिल कर दी गई हैं।
सामान्य (आर्ट, कामर्स, साइंस) : कामन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट अब देश के अधिकांश केंद्रीय और प्रमुख विश्वविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों जैसे बीए, बीएससी, बीकाम, बीबीए में प्रवेश का मुख्य माध्यम बन चुका है।
लॉ, फैशन और डिजाइनर: कानून की पढ़ाई के लिए क्लैट परीक्षा के जरिए नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज में प्रवेश मिलता है। वहीं फैशन और डिजाइन के क्षेत्र में निफ्ट एंट्रेंस एग्जाम, एनआइडी डीएटी और यूसीईईडी जैसी परीक्षाएं महत्वपूर्ण हैं।
प्रबंधन और अन्य कोर्स: मैनेजमेंट क्षेत्र में रुचि रखने वाले छात्र आईपीमैट और एनपैट जैसी परीक्षाओं के जरिये बीबीए और अन्य प्रबंधन कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं।
सरकारी नौकरी के अवसर: 12वीं के बाद छात्र एसएससी सीएचएसएल और रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षाओं में भी शामिल होकर सरकारी नौकरी की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।
तैयारी का सही समय: इनमें से अधिकांश परीक्षाएं मार्च से जून के बीच होती हैं। ऐसे में छात्र तैयारी शुरू कर देते हैं, ताकि बेहतर परिणाम हासिल कर सकें।