
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। प्रदेशभर के सरकारी और निजी कालेजों से संचालित स्नातक पाठ्यक्रम में पहले चरण की आनलाइन काउंसिलिंग में आवेदन के लिए चार दिन शेष हैं। 15 मई को पंजीयन की लिंक बंद की जाएगी।
च्वाइंस फीलिंग के आधार पर छात्र-छात्राओं को सीटें आवंटित होगी। इसकी पहली सूची 20 मई को उच्च शिक्षा विभाग निकालेगा। कालेज आवंटित होते ही विद्यार्थियों को छह दिन फीस भरने के लिए दिए जाएंगे। 26 मई तक फीस जमाकर रसीद कालेज में देना होगी। अधिकारियों के मुताबिक पहले चरण में अधिकांश छात्र-छात्राएं सरकारी कालेजों में प्रवेश को लेकर प्राथमिकता देते हैं।
पारंपरिक पाठ्यक्रम के अलावा विभाग ने नेशनल काउंसिल फार टीचर्स एजुकेशन (एनसीटीई) मान्यता प्राप्त कोर्स में प्रवेश की प्रक्रिया रखी है। आनलाइन काउंसिलिंग शुरू हुए दस दिन बीत चुके है, लेकिन अभी प्रदेशभर के 70 फीसद कालेज ही सूची में शामिल हो पाए है। कम कालेज होने से विद्यार्थियों के सामने च्वाइंस फीलिंग में संस्थान चयन करने में दिक्कतें आ रही है। ये कालेज भी 5 मई बाद सूची में जोड़े गए है।
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के दायरे में आने वाले 60 में से 35 बीएड-एमएड संचालत कालेज को सूची में जगह मिली है। उसमें इंदौर जिले के बीस कालेज है। जबकि खंडवा-खरगोन के कालेजों की बुरी स्थिति है। वहां के कालेजों अभी तक काउंसिलिंग में शामिल नहीं हुए हैं।
अशासकीय शिक्षा महाविद्यालय संचालक संघ के अवधेश दवे और मोहित यादव ने कहा कि फीस तय करने के पहले ही उच्च शिक्षा विभाग ने काउंसिलिंग रखी है। इसका फायदा चुनिंदा कालेजों को मिला है, क्योंकि विद्यार्थियों ने च्वाइंस फीलिंग में इन्हें संस्थानों का चयन किया है। फीस विनियम समिति ने कुछ दिन पहले 70 फीसद कालेज को मंजूरी दी है। संघ के अभय पांडे का कहना है कि कालेजों की संख्या कम होने से विद्यार्थी च्वाइंस फीलिंग में दो से तीन संस्थानों का विकल्प दे रहे है।