
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर फर्स्ट सेमेस्टर की मुख्य परीक्षा हो चुकी है, लेकिन एमएससी के तीन स्पेशलाइजेशन ऐसे हैं जिनकी परीक्षा को लेकर नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। कारण यह है कि इन कोर्स का सिलेबस उच्च शिक्षा विभाग की तरफ से नहीं मिला है।
इस वजह से एमएससी सीड टेक्नोलॉजी, बॉयोटेक्नोलॉजी और फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री विषय की परीक्षा अटक गई है। इनकी परीक्षा दिसंबर में होने वाली थी। विश्वविद्यालय की तरफ से इनका टाइम टेबल नहीं निकाला गया है।
दरअसल इन तीनों स्पेशलाइजेशन का सिलेबस समय पर उपलब्ध नहीं हो पाया था। नियमों के अनुसार इन कोर्स का सिलेबस उच्च शिक्षा विभाग को जारी करना था, लेकिन नवंबर तक सिलेबस तैयार नहीं हो पाया। इस वजह से बाकी पीजी कोर्स के फर्स्ट सेमेस्टर के साथ इनकी परीक्षा नहीं हो सकी। पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए विवि प्रशासन ने अपने स्तर पर तीनों विषयों का सिलेबस तैयार किया है।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. अशेष तिवारी के मुताबिक इन स्पेशलाइजेशन कोर्स की परीक्षा फरवरी के अंतिम सप्ताह या मार्च महीने में आयोजित की जा सकती हैं। इसके लिए जल्द ही अलग से टाइम-टेबल जारी किया जाएगा। ताकि छात्र परीक्षा की तैयारी सही तरीके से कर सकें। इस शैक्षणिक सत्र में पहली बार पीजी फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा एक साथ आयोजित की गईं।
एमए, एमकाम, एमएससी के साथ-साथ एमबीए, एलएलबी और बीएड जैसे प्रोफेशनल कोर्स भी शामिल थे। मगर सिलेबस की कमी के कारण एमएससी के इन तीन स्पेशलाइजेशन की परीक्षा उस समय नहीं हो सकी। विद्यार्थी परेशान हो रहे हैं, क्योंकि उनका पाठ्यक्रम दो से तीन महीने पिछड़ गया है।
2025-26 सत्र से स्नातकोत्तर कोर्स में भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू (एनईपी) हो चुकी है। इसके अंतर्गत परीक्षा पैटर्न और मूल्यांकन प्रणाली में बड़े बदलाव किए गए हैं। पीजी फर्स्ट सेमेस्टर में पहले की तरह चार थ्योरी पेपर नहीं होंगे, बल्कि केवल दो थ्योरी पेपर कर दिए हैं। बाकी मूल्यांकन प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट के आधार पर किया जाएगा।
नई व्यवस्था में छात्रों को अंकों की जगह क्रेडिट आधारित ग्रेड शीट दी जाएगी। थ्योरी परीक्षा 60 अंकों की होगी। जबकि इंटरनल मूल्यांकन 40 अंकों का रहेगा। दोनों में अलग-अलग न्यूनतम अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। वहीं एनईपी के तहत सभी पाठ्यक्रमों का सिलेबस में बदलाव किया गया है।