
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय ने एमए चौथे सेमेस्टर परीक्षा के इतिहास, हिंदी और अंग्रेजी विषयों के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। विश्वविद्यालय की परीक्षा शाखा द्वारा जारी संशोधित अधिसूचना के अनुसार परिणाम संशोधन के अधीन घोषित किए गए हैं। छात्र अपना आनलाइन अंकपत्र विश्वविद्यालय की अधिकृत वेबसाइट पर देख सकते हैं।
जारी परिणामों के अनुसार एमए इतिहास चौथे सेमेस्टर (एटीकेटी) में प्रथम श्रेणी में चार और द्वितीय श्रेणी में 22 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं, जबकि पांच विद्यार्थियों को एटीकेटी प्राप्त हुई है। एमए हिंदी चौथे सेमेस्टर (एटीकेटी) में सर्वाधिक विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की। इस परीक्षा में 15 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी, बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने द्वितीय श्रेणी और पांच विद्यार्थियों ने तृतीय श्रेणी प्राप्त की है। वहीं 26 विद्यार्थियों को एटीकेटी मिली है।
इसके अलावा 10 विद्यार्थियों के परिणाम पूर्व सेमेस्टर की एटीकेटी लंबित होने के कारण विथहेल्ड रखे गए हैं। एमए अंग्रेजी चौथे सेमेस्टर (एटीकेटी) में एक विद्यार्थी प्रथम श्रेणी, 47 विद्यार्थी द्वितीय श्रेणी तथा एक तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण है। 52 विद्यार्थियों को एटीकेटी मिली है, जबकि 10 विद्यार्थियों के परिणाम पूर्व सेमेस्टर की एटीकेटी लंबित रहने के कारण रोक दिए गए हैं।
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि जिन विद्यार्थियों का परिणाम 'विदहेल्ड' है, वे आवश्यक दस्तावेज विश्वविद्यालय कार्यालय में प्रस्तुत कर छह माह के भीतर अपना परिणाम घोषित करा सकते हैं। निर्धारित अवधि के बाद प्राप्त होने वाले प्रकरणों पर विचार नहीं किया जाएगा।
परीक्षा नियंत्रक ने यह भी बताया कि जो विद्यार्थी अपने प्राप्तांकों से संतुष्ट नहीं हैं, वे उत्तरपुस्तिका अवलोकन एवं अंकसंवीक्षा के लिए परिणाम घोषित होने की तिथि से सात दिनों के भीतर निर्धारित शुल्क के साथ आवेदन कर सकते हैं।
इसके बाद तीन दिन तक 200 रुपये विलंब शुल्क के साथ आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी भी परिस्थिति में आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों से अपील की है कि वे अपना ऑनलाइन अंकपत्र डाउनलोड कर परिणाम का मिलान करें और यदि किसी प्रकार की त्रुटि या आपत्ति हो तो निर्धारित समयावधि के भीतर ही आवश्यक प्रक्रिया पूरी करें। इससे विद्यार्थियों को समय रहते संशोधन और अंकसंवीक्षा का लाभ मिल सकेगा।
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