
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने राज्य सेवा परीक्षा 2025 और 2026 को लेकर अहम फैसला लिया है। इसके तहत दिसंबर और जनवरी में साक्षात्कार कराए जाएंगे। आयोग की कोशिश है कि इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी होने के बाद महज 15 दिनों के भीतर अंतिम परिणाम जारी कर दिए जाएं।
अधिकारियों के मुताबिक राज्य सेवा परीक्षा की प्रक्रिया लंबे समय तक चलने के कारण अगली परीक्षा का चक्र भी प्रभावित होता है। इसी वजह से आयोग अब 2025 और 2026 की परीक्षाओं को जल्द निपटाकर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने पर विचार कर रहा है। इन दोनों परीक्षाओं में चयनित उम्मीदवारों से संबंधित पदों को भरने के बाद ही 2027 की राज्य सेवा परीक्षा की अधिसूचना निकाली जाएगी।
जबलपुर हाई कोर्ट ने राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2025 को लेकर लगे अंतरिम स्थगन (स्टे) को हटा दिया। आयोग ने 8 से 15 अगस्त के बीच मुख्य परीक्षा रखी। 158 पदों के लिए 4694 अभ्यर्थी चयनित हुए थे। वहीं, राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2026 अंतिम दौर में पहुंच चुकी है, जो 12 सितंबर को संपन्न होगी। 156 पदों के लिए 3775 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी है। अब आयोग इन मुख्य परीक्षाओं का परिणाम 20 सितंबर से 10 अक्टूबर के बीच घोषित करने की तैयारी कर रहा है।
दोनों मुख्य परीक्षाओं का परिणाम आने के बाद अगली चयन प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा। अक्टूबर में राज्य सेवा परीक्षा 2025 और 2026 के इंटरव्यू का शेड्यूल जारी किया जाएगा। दिसंबर और जनवरी में साक्षात्कार कराए जाएंगे। ओएसडी रवींद्र पंचभाई का कहना है कि राज्य सेवा परीक्षा 2025 के पहले साक्षात्कार रखे जाएंगे।
इसके सात से 10 दिनों के अंतराल के बाद 2026 के लिए साक्षात्कार की प्रक्रिया करवाने पर विचार हो रहा है। साक्षात्कार होने के 15 दिनों में अंतिम परिणाम भी जारी किया जाएगा।
एमपीपीएससी के इस फैसले का सीधा असर परीक्षा चक्र पर पड़ेगा। यदि 2025 और 2026 की चयन प्रक्रिया समय पर पूरी होती है तो चयनित अभ्यर्थियों को पदों पर नियुक्त किया जा सकेगा। इसके बाद खाली पदों की स्थिति स्पष्ट होगी और आयोग राज्य सेवा परीक्षा 2027 की अधिसूचना जारी कर सकेगा।
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