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एंटरटेनमेंट डेस्क, नईदुनिया। सिनेमा प्रेमियों के बीच जब भी ‘धक धक गर्ल’ का नाम लिया जाता है, तो सबसे पहले अभिनेत्री माधुरी दीक्षित का मुस्कुराता चेहरा और उनका शानदार नृत्य याद आता है। अभिनय, खूबसूरती और बेहतरीन डांस के दम पर हिंदी सिनेमा में खास पहचान बनाने वाली माधुरी दीक्षित ने अपने करियर में कई यादगार फिल्में दी हैं। 15 मई को माधुरी दीक्षित अपना 58वां वर्थडे (Madhuri Dixit birthday special) मना रही हैं।
15 मई 1967 को मुंबई में जन्मीं माधुरी दीक्षित ने बहुत छोटी उम्र से ही कथक नृत्य सीखना शुरू कर दिया था। बताया जाता है कि वह तीन साल की उम्र से ही नृत्य करने लगी थीं और नौ साल की उम्र में उन्हें पहली स्कॉलरशिप भी मिली थी। बचपन से ही उन्हें नृत्य से विशेष लगाव था और यही जुनून आगे चलकर उनकी पहचान बना।

स्कूल की पढ़ाई के दौरान माधुरी सांस्कृतिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थीं। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने माइक्रोबायोलॉजिस्ट बनने के लिए कॉलेज में प्रवेश लिया, लेकिन किस्मत उन्हें अभिनय की दुनिया में ले आई।
माधुरी दीक्षित के करियर की शुरुआत आसान नहीं रही। साल 1984 में उन्हें पहला टेलीविजन शो मिला, लेकिन प्रभावशाली स्टारकास्ट नहीं होने के कारण दूरदर्शन ने उसे टेलीकास्ट नहीं किया। यह शो ‘बॉम्बे मेरी है’ नाम से बनाया गया था।

इस असफलता के बाद भी माधुरी ने हार नहीं मानी। उसी वर्ष उन्होंने राजश्री प्रोडक्शंस की फिल्म ‘अबोध’ से बॉलीवुड में कदम रखा। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, लेकिन माधुरी के अभिनय की काफी सराहना हुई।
इसके बाद वह ‘आवारा बाप’, ‘स्वाती’, ‘हिफाजत’ और ‘उत्तर दक्षिण’ जैसी फिल्मों में दिखाई दीं। साल 1985 में दूरदर्शन पर प्रसारित शो ‘पेइंग गेस्ट’ में उन्होंने ‘नीना’ नाम की लड़की का किरदार निभाया। यही उनका पहला टेलीकास्ट टीवी शो बना।

माधुरी दीक्षित के करियर में बड़ा मोड़ साल 1988 में आई फिल्म ‘तेजाब’ से आया। फिल्म में ‘मोहिनी’ गाने पर उनके नृत्य ने दर्शकों को दीवाना बना दिया। इस फिल्म के बाद वह रातोंरात स्टार बन गईं और बॉलीवुड में उनकी अलग पहचान बन गई।
इसके बाद उन्होंने लगातार कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया। 90 के दशक में माधुरी दीक्षित को हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की सबसे बड़ी अभिनेत्रियों में गिना जाने लगा। फिल्म ‘दिल’ के लिए उन्हें पहला फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड मिला।
इसके बाद ‘बेटा’, ‘हम आपके हैं कौन’ और ‘दिल तो पागल है’ जैसी फिल्मों ने उन्हें कई पुरस्कार दिलाए। वहीं ‘साजन’, ‘खलनायक’, ‘अंजाम’ और ‘मृत्युदंड’ में भी उनके अभिनय को खूब सराहा गया।
माधुरी दीक्षित का स्टारडम एक समय इतना बड़ा था कि निर्माता-निर्देशक उन्हें फिल्मों की सबसे बड़ी यूएसपी मानते थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म ‘हम आपके हैं कौन’ के लिए माधुरी दीक्षित को लगभग 2.7 करोड़ रुपये फीस दी गई थी, जबकि अभिनेता सलमान खान को करीब 25 लाख रुपये मिले थे।
उस दौर में किसी अभिनेत्री को इतनी बड़ी रकम मिलना बेहद खास माना जाता था। कहा जाता है कि इसी फिल्म के बाद माधुरी बॉलीवुड की सबसे ज्यादा फीस लेने वाली अभिनेत्री बन गई थीं।
शादी के बाद लिया लंबा ब्रेक साल 1999 में माधुरी दीक्षित ने डॉ. श्रीराम माधव नेने से शादी की और इसके बाद वह अमेरिका चली गईं। शादी के बाद उन्होंने करीब आठ साल का ब्रेक लिया। हालांकि साल 2007 में फिल्म ‘आजा नचले’ से उन्होंने बॉलीवुड में वापसी की।

साल 2002 में रिलीज हुई ‘देवदास’ में ‘चंद्रमुखी’ के किरदार को उनके करियर की सबसे बेहतरीन भूमिकाओं में गिना जाता है। इसके लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस अवॉर्ड भी मिला।
बाद के वर्षों में उन्होंने ‘डेढ़ इश्किया’, ‘गुलाब गैंग’, मराठी फिल्म ‘बकेट लिस्ट’, ‘कलंक’ और ‘टोटल धमाल’ जैसी फिल्मों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
आज भी माधुरी दीक्षित का अभिनय और नृत्य दर्शकों के बीच उतना ही लोकप्रिय है। वह कई रियलिटी शोज में जज के रूप में नजर आ चुकी हैं और अपनी प्रोडक्शन कंपनी के कामों में भी सक्रिय हैं।