
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। बदलती जीवनशैली और खानपान की गड़बड़ी अब गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन रही है। कम उम्र के लोगों में आहार नली सिकुड़ने के मामले सामने आ रहे हैं।
एमवाय अस्पताल में हर महीने ऐसे लगभग 10 केस आ रहे हैं, जिसमें मरीजों की जांच करने पर उनकी आहार नली सिकुड़ी मिल रही है। इसके पीछे क्रोनिक एसिडिटी के साथ ही अन्य कारण जिम्मेदार हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक एसिडिटी रहने पर आहार नली में पेप्टिक स्ट्रिक्चर बन जाता है जो आहार नली को सिकोड़ देता है।
एक बार अगर आहार नली सिकुड़ जाए तो फिर सर्जरी के जरिए ही इसे दोबारा पहले जैसा किया जा सकता है। इस स्थिति के लिए एक्लेसिया कार्डिया की बीमारी भी जिम्मेदार होती है, जिसमें आहार नली के अंदर की मांसपेशियां मोटी होने लगती हैं और रास्ता संकरा हो जाता है।
विजयनगर क्षेत्र में रहने वाली एक 40 वर्षीय महिला को पिछले एक साल से शिकायत थी कि खाना खाने के थोड़ी देर बाद ही उल्टियां होती थीं। इसे लेकर दो निजी अस्पतालों में जांच कराई गई, जहां पेट का संक्रमण बताया गया। दवाओं को खाने के बाद कुछ दिन तक आराम रहा, लेकिन दोबारा वही स्थिति बनने लगी।
इसके बाद जब स्पेशलिस्ट डाक्टर से जांच कराई गई तो आहार नली सिकुड़ने की पुष्टि हुई। इसी तरह सिंधी कालोनी में रहने वाली एक अन्य महिला को भी खाने के बाद पेट में भारीपन और असहज लगता था। जांच के बाद आहार नली सिकुड़ने की बात सामने आई, जिसके बाद सर्जरी कराई गई।
एमवाय अस्पताल के गैस्ट्रोएंट्रोलाजिस्ट अमित अग्रवाल बताते हैं कि आहार नली कई कारणों से सिकुड़ सकती है, लेकिन कई मामलों में क्रोनिक एसिडिटी इसके लिए जिम्मेदार होती है। इसके अलावा लंबा मेडिकेशन, अल्सर और कैंसर जैसी गंभीर समस्याएं भी आहार नली को संकरा कर सकती हैं।
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एमवाय अस्पताल में पेट संबंधी समस्याओं को लेकर इलाज के लिए आने वाले लोगों में युवाओं की संख्या में इजाफा हुआ है। इसी के साथ कम उम्र के लोगों में आहार नली सिकुड़ने के केस भी बढ़े हैं। इसके पीछे अनियमित दिनचर्या के साथ गलत खान-पान भी जिम्मेदार है। फास्ट फूड, प्रोसेस्ड फूड का लंबे वक्त तक सेवन क्रोनिक एसिडिटी को पैदा करता है, जो इस समस्या के लिए जिम्मेदार एक बड़ा कारण है।
- खाना निगलने में परेशानी होना।
- भोजन का गले या छाती में अटकना।
- खाना खाने के बाद उल्टी होना।
- भोजन का वापस मुंह में आना।
- निगलने में दिक्कत के कारण वजन घटना।
लंबे समय तक एसिडिटी होने पर डाॅक्टर से जांच कराएं।
खाना निगलने में परेशानी हो तो विशेषज्ञ से मिलें।
सोने से 2-3 घंटे पहले भोजन कर लें।
संतुलित आहार लें, वजन नियंत्रित रखें और नियमित व्यायाम करें।
लगातार उल्टी या वजन घटने पर जरूरी जांच कराएं।
एसिडिटी को नजरअंदाज न करें।
बिना डाॅक्टर की सलाह लंबे समय तक दवाएं न लें।
फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड से बचें।
तले-भुने और अधिक मसालेदार भोजन का सेवन सीमित रखें।
भोजन अटकने या बार-बार उल्टी होने को सामान्य गैस समझकर टालें।