स्वस्थ रहने के लिए थाली में इंद्रधनुषीय रंग का होना चाहिए भोजन
इंद्रधनुषीय रंग के भोजन से तात्पर्य है सभी रंग के फल-सब्जी का भोजन में समावेश। पौधों में फाइटोकेमिकल्स होते हैं। ये तत्व फल, सब्जी, साबुत अनाज, बीज और...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 13 Jun 2026 09:26:07 AM (IST)Updated Date: Sat, 13 Jun 2026 09:26:07 AM (IST)
इंद्रधनुषी रंग का होना चाहिए भोजन। (प्रतीकात्मक तस्वीर)HighLights
- भोजन सही ढ़ंग से किया जाए और भोजन के नियमों को ध्यान में रखा जाए तो वह कई रोगों से बचाता है
- स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है मौसम और स्थान के अनुरूप प्रकृति द्वारा प्रदत्त सभी तरह के भोज्य पदार्थों का सेवन
- सहज शब्दों में कहा जाए तो हमारा भोजन इंद्रधनुषीय रंग का होना चाहिए
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भोजन केवल पेट भरने का जरिया नहीं है। यदि उसे सही ढ़ंग से किया जाए और भोजन के नियमों को ध्यान में रखा जाए तो वह कई रोगों से बचाता भी है। कई बार रोग दूर करने में भी मददगार साबित होता है।
यह कहना है आहार व पोषण विशेषज्ञ डॉ. मुनीरा हुसैन का। उन्होंने बताया कि स्वस्थ रहने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है मौसम और स्थान के अनुरूप प्रकृति द्वारा प्रदत्त सभी तरह के भोज्य पदार्थों का सेवन। सहज शब्दों में कहा जाए तो हमारा भोजन इंद्रधनुषीय रंग का होना चाहिए।
फल, सब्जी, साबुत अनाज, बीज और फलियां भी हैं महत्वपूर्ण
इंद्रधनुषीय रंग के भोजन से तात्पर्य है सभी रंग के फल-सब्जी का भोजन में समावेश। असल में पौधों में फाइटोकेमिकल्स होते हैं। ये तत्व फल, सब्जी, साबुत अनाज, बीज और फलियों में पाए जाते हैं। इसकी वजह से ही हरेक का अपना रंग, सुगंध और स्वाद होता है। इस तत्व को आहार के रूप में लेने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बेतहर होती है।
भोजन में रंग बिरंगे फल-सब्जी, अनाज आदि को शामिल करना चाहिए
भोजन में रंग बिरंगे फल-सब्जी, अनाज आदि को शामिल करने से उससे जो पोषक तत्व मिलते हैं, वे कोशिकाओं और डीएनए को विघटन से रोककर कैंसर से भी बचाते हैं। इसके अलावा इनका सेवन हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, गुर्दे के रोगों की आशंकाओं को भी कम करता है।
गहरे रंग के सब्जी-फल, पत्तेदार सब्जी भी भोजन में शामिल करें
ल्यूटिन और जेक्सथिन गहरे रंग के सब्जी-फल, पत्तेदार सब्जी में होता है। यह आंखों के लिए लाभकारी होता है। एंथोसायनिन जामुन में होता है जो कि निम्न रक्तचाप को संतुलित करने में मदद करता है। एरोटेनाइड्स (बीटा कैरोटीन, लाइकोपीन) तत्व हमें पके हुए टमाटर, नारंगी, गाजर, शकरकंद और ब्रोकोली में पाया जाता है। यह कैंसर कोशिका की वृद्धि को रोकने में सहायक होता है तथा हृदय रोग की आशंका को भी कम करता है।
लाइफस्टाइल अलर्ट: सराफा चौपाटी से स्क्रीन तक... क्यों हर समय खाने के बारे में सोच रहा है दिमाग