
नईदुनिया प्रतिनिधि, अशोकनगर। फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर युवकों से ठगी के आरोप में पकड़ी गई भोपाल की तृप्ति सिंह राजपूत की जांच में नया खुलासा हुआ है। पुलिस का कहना है कि तृप्ति, भोपाल के अलकापुरी निवासी एक बड़े कारोबारी परिवार से संबद्ध तनुज से शादी करना चाहती थी। तनुज के स्वजन इसके लिए तैयार नहीं हुए तो तृप्ति ने आईएएस बनने की झूठी कहानी गढ़ी। बाद में वह अधिकारियों की जीवनशैली मेंटेन करने के लिए ठगी करने लगी।
मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले की चंदेरी पुलिस ने तृप्ति के बयान की तस्दीक के लिए उसके घर और तनुज के कमरे से कई दस्तावेज, फोटोग्राफ और मोमेंटो आदि बरामद किए हैं। इन्हें तृप्ति ने अपनी कहानी को सच साबित करने के लिए तैयार करवाए थे।
पुलिस ने आरोपित तृप्ति और उसके भाई सुधांशु सिंह के घर से दस्तावेजों की छायाप्रतियां, महंगे आईफोन की रसीदें, महंगे होटलों में ठहरने और हवाई यात्रा के प्रमाण भी जब्त किए हैं। वहीं तनुज के कमरे से फर्जी आईएएस ट्रेनी अफसर बनने से जुड़े दस्तावेज, ट्रॉफी और मोमेंटो भी मिले हैं। मामले में पुलिस ने आरोपितों के ड्राइवर भूपेंद्र बैरागी को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त भारत सरकार की नेमप्लेट लगी कार भी बरामद की है।
शिकायत के मुताबिक चंदेरी के पसियापुरा निवासी जयकुमार कोली, विजय कुमार दुबे, ऋतिक शर्मा और राघव सोनी को तृप्ति ने ठगा था। सात अप्रैल 2025 को तृप्ति अपने भाई सुधांशु और उसके दो साथियों तनुज वैश्य व अंजली सिंह के साथ घूमने पहुंचे। तृप्ति ने यहां खुद को पर्यटन विभाग की अतिरिक्त संचालक बताते हुए उक्त युवकों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर तीन-तीन लाख रुपये ले लिए।
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फर्जी आईएएस अधिकारी को रंगे हाथों गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से साक्ष्य जुटाए। इसके बाद अन्य लोगों की नौकरी लगवाने के नाम पर दोबारा चंदेरी बुलाकर पकड़ लिया गया। - राजीव कुमार मिश्रा, एसपी अशोकनगर