
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। एथेनाल प्लांट के नाम पर उजागर शासकीय चावल की अफरा-तफरी मामले में पुलिस ने अब तक कुल दस ट्रकों को जब्त किया है। ये वो ट्रक हैं, जो अनुबंध के तहत नवेगांव स्थित एफसीआई गोदाम से छिंदवाड़ा के एथेनाल प्लांट के लिए रवाना हुए थे, लेकिन ये प्लांट पहुंचे ही नहीं।
इन ट्रकों में भरा कस्टम मिल्ड राइस रास्ते में खपा दिया गया है। इतनी बड़ी मात्रा में शासकीय चावल की हेराफेरी कई सवाल खड़े कर रही है। इसमें विभागीय अधिकारियों, राइस मिल संचालकों और एथेनाल प्लांट प्रबंधन की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता।
इस मामले में पुलिस उन राइस मिलर्स से भी गहन पूछताछ कर रही है, जिनका इस सिंडेकेट में कहीं न कहीं कनेक्शन है। पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़कर मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश में है।
एसपी आदित्य मिश्रा के नेतृत्व में गठित एसआईटी हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। बता दें कि कुछ दिन पहले पुलिस ने सिवनी की एक राइस मिल से उन दो लापता ट्रकों को बरामद किया था, जो एफसीआई गोदाम से एथेनाल प्लांट छिंदवाड़ा के लिए निकले थे, लेकिन ट्रक छिंदवाड़ा नहीं पहुंचे।
इससे पहले एक ट्रक को विभागीय टीम ने वारासिवनी के संचेती राइस मिल से पकड़ा था। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मामले की परतें भी खुल रही हैं। ऐसे दस ट्रकों का खुलासा, इस मामले को और गंभीर और बड़ा बना रहा है।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट: छिंदवाड़ा के एथेनाल प्लांट (एवीजे एग्रीको प्राइवेट लिमिटेड) के बहाने सरकारी चावल की हेराफेरा के बहुचर्चित मामले में नया मोड़ आया है। तीन जून से लापता दो ट्रक (एचआर 55 ए 7880 और पीबी 03 एडब्ल्यू 8421) सिवनी जिले की एक राइस मिल में मिले थे, लेकिन इन ट्रकों में भरा कस्टम मिल्ड राइस गायब है।
अब सवाल इन ट्रकों में भरा सरकारी चावल के गायब होने का है कि आखिर बड़ी मात्रा में कस्टम मिल्ड चावल कहां है? बालाघाट पुलिस ने इस मामले में जांच के दायरे को बड़ा रूप दे दिया है। पुलिस के रडार में अब वो राइस मिलर्स भी आ गए हैं, जिनका इस मामले से कनेक्शन है।
पुलिस जानकारी के अनुसार, पुलिस 9 राइस मिलरों के साथ-साथ बरामद तीन ट्रकों के मालिकों, उनके चालकों से गहन पूछताछ कर रही है। एसआइटी सभी के आपराधिक रिकार्ड, रिकार्ड और नेटवर्क खंगाल रही है। दूसरी तरफ मामले में फरार चल रहे संचेती राइस मिल के संचालक साैरभ संचेती और एथेनाल प्लांट के प्रतिनिधि राहुल प्रताप द्वारा दायर जमानत याचिका को न्यायालय ने खारिज कर दी है।
इस मामले में सिस्टम पर भी सवाल खड़े हाे रहे हैं। तीन जून को एफसीआई के नवेगांव स्थित गोदाम से छिंदवाड़ा स्थित एथेनाल प्लांट के लिए तीन ट्रकों में सरकारी चावल लोड किया गया था। जिन ट्रकों में चावल भेजा गया था, उनमें जीपीएस सिस्टम लगा ही नहीं था।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिना जीपीएस सिस्टम लगे ट्रकों को गोदाम से लोडिंग और डिस्पैच की अनुमति किसने और कैसे दे दी? इसी का फायदा उठाकर तीनों ट्रक अपने तय गंतव्य (छिंदवाड़ा) तक नहीं पहुंचे और बीच रास्ते में ही इसे खपाने की योजना बन गई।
242.55 क्विंटल सरकारी चावल से भरा एक ट्रक चार जून की रात वारासिवनी की संचेती राइस मिल में मिला था। दो ट्रक सिवनी में मिले हैं, जो खाली हैं। संभावना है कि दो ट्रकों में भरे चावल को किसी राइस मिल में खपाया जा चुका है। फरार आरोपितों की गिरफ्तारी खोलेगी कई राज फरार चल रहे सौरभ संचेती और राहुल प्रताप की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
माना जा रहा है कि दोनों मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी इस मामले के कई राज खुद-ब-खुद खोलेगी। इसके लिए एसआईटी ने जांच और तेज कर दी है। फिलहाल, चार जून को मिले ट्रक चालक दुर्गेश पिता प्रेमलाल शेंडे पुलिस की गिरफ्त में है। एसपी अादित्य मिश्रा के निर्देशन में गठित 12 सदस्यीय एसआईटी पहले ही छिंदवाड़ा के एथेनाल प्लांट में दबिश देकर अहम दस्तावेज, डीवीआर जब्त कर चुकी है।
चावल से भरे ट्रकों को एथेनाल प्लांट जाना था, लेकिन ये सिवनी में मिले हैं, जो खाली थे। ट्रक मालिकों और चालकों से पूछताछ की जा रही है। ट्रकों में भरा चावल कहां है, ये जांच का विषय है। ये चावल किस राइस मिल में खाली किया गया है, इसे लेकर पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के दायरे में राइस मिलर्स भी हैं, जिनसे सघनता से पूछताछ की जा रही है।
अभिषेक चौधरी, एसडीओपी, वारासिवनी