
नईदुनिया न्यूज, वारासिवनी/बालाघाट। वारासिवनी के संचेती राइस मिल में 25 टन शासकीय चावल मिलने से सरकारी खाद्यान्न में गड़बड़ी की संभावना बढ़ गई है। खाद्य और राजस्व विभाग के साथ वारासिवनी पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
पूछताछ में राइस मिल संचालक और चालक के बयानों में विरोधाभास, अधिकारियों की गहरी साजिश की आशंका को और बल दे रहा है। संचालक और चालक दोनों के बयान मेल नहीं खा रहे हैं। चालक का कहना है कि उसे चावल छिंदवाड़ा ले जाने के लिए कोई दस्तावेज नहीं दिए गए।
तीन ट्रकों में ये चावल एफसीआई गोदाम से एथेनाल प्लांट ले जाना था, लेकिन चावल सिर्फ एक ही ट्रक से भेजा जा रहा था, वो भी राइस मिल में खड़ा करा दिया गया। राइस मिल संचालक का कहना है कि वर्षा को देखते हुए उन्होंने ट्रक को मिल में खड़ा करवाया था, जबकि ट्रक में तिरपाल ढकी हुई मिली। पुलिस को मिल संचालक और ट्रक चालक के कथनों में भारी विसंगति मिली है, जिससे ये मामला और पेचीदा बन गया है।
संचेती राइस मिल के संचालक सौरभ संचेती, ट्रक चालक दुर्गेश पिता प्रेमलाल शेंदे और एवीजे एग्रीको एथेनाल कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि राहुल प्रताप के विरुद्ध थाना वारासिवनी में धारा 316(3), 3(5) के तहत एफआइआर दर्ज की गई है।
जांच के दौरान एक ट्रक (सीजी 04 जेडी 3147) में एफसीआई का सीएमआर चावल लदा हुआ मिला था। उक्त ट्रक संचेती राइस मिल परिसर के अंदर खड़ा था। इसमें 490 बोरियों में 242.55 क्विंटल शासकीय चावल मिला। ट्रक चालक दुर्गेश से परिवहन संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने कहा गया वह कोई भी वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सका।
पूछताछ में दुर्गेश ने बताया कि इस चावल को छिंदवाड़ा के बोरगांव स्थित एथेनाल प्लांट ले जाना था। टीम ने चावल सहित ट्रक को जब्त कर वारासिवनी थाना में खड़ा करा दिया। प्रारंभिक जांच में सीएमआर चावल को रिसाइकिल करने के उद्देश्य से राइस मिल परिसर में लाए जाने की आशंका व्यक्त की गई है।
अब तक की जांच और पूछताछ में ये स्पष्ट हुआ है कि एथेनल प्लांट के अधिकृत प्रतिनिधि राहुल प्रताप, ट्रक ड्राइवर दुर्गेश और संचेती राइस मिल के प्रोपराइटर सौरभ संचेती द्वारा एथेनल प्लांट को दिये जा रहे चावल की सीधे तौर पर अफरा-तफरी की गई है।
ट्रक में रखे चावल को कस्टम मिलिंग में रिसाइकिल कर जमा करने के प्रायोजन से मिल परिसर में लाया गया है। राहुल प्रताप द्वारा एफसीआई से प्राप्त चावल को स्थानीय राइस मिल में खपाकर एथेनल प्लांट में सस्ते दामों में चावल खरीदकर एथेनाल तैयार करना प्रतीत होता है, जिससे शासन को आर्थिक क्षति हो रही है। कलेक्टर मृणाल मीना और वारासिवनी एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल के आदेश पर इस मिलीभगत पर एक्शन लिया गया है।
कलेक्टर महोदय के आदेशानुसार जिले में सीएमआर मिलिंग के दौरान किसी भी प्रकार की गंभीर अनियमिताएं पाए जाने पर इसी प्रकार की कार्यवाही निरंतर की जाएगी।
आरके ठाकुर, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी
शासकीय चावल की अफरा-तफरी मामले में मप्र स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन ने संचेती राइस मिल में मिलिंग पर रोक लगा दी है। शुक्रवार को कार्पोरेशन ने पत्र जारी कर बताया कि संचेती राइस मिल के परिसर में सरकारी चावल से भरा ट्रक मिलने के प्रकरण में जांच चल रही है।
जब तक प्रशासन द्वारा मामले की जांच पूरी नहीं होती, तब तक धान प्रदाय और आरओ पर रोक लगाई गई है। संचेती राइस मिल को 68 लाट आरओ जारी किए गए थे। राइस मिल द्वारा 68 में से 56 लाट चावल मिलिंग के बाद जमा किया गया है।
शेष 12 लाट चावल को एफसीआई और कार्पोरेशन में जमा करने निर्देशित किया गया है। इस प्रकरण की जांच जिला आपूर्ति अधिकारी रविकांत ठाकुर, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सुनील किरार और निहारिका अवस्थी द्वारा की गई है।
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