
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। पड़ोसी जिले मंडला के युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष संजू अहिरवार आबकारी के मामले में फंस गए हैं। लंबे समय तक गिरफ्तारी से बचने और जमानत के लिए कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने के बाद आखिरकार उन्हें बालाघाट न्यायालय में सरेंडर करना पड़ा, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में लिया गया हैं।
आरोपी संजू अहिरवार मंडला जिले में युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हैं। उनके खिलाफ बालाघाट जिले के चांगोटोला थाना में मार्च माह में अवैध शराब परिवहन का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार बड़ी मात्रा में अवैध शराब का परिवहन करते हुए मामला सामने आया था, जिसमें संजू अहिरवार का नाम सामने आया।
पुलिस ने आबकारी की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया था, अपराध दर्ज होते ही वह फरार हो गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने पहले जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन लगाया, लेकिन न्यायालय ने याचिका खारिज कर दी। इसके बाद उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, वहां से भी उसे राहत नहीं मिली और अग्रिम जमानत याचिका निरस्त हो गई।
लगातार जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद आखिरकार आरोपी ने बालाघाट न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
चांगोटोला थाना प्रभारी एमएल भाटी ने बताया कि आरोपी ने न्यायालय के समक्ष समर्पण किया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है।
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