
नईदुनिया प्रतिनिधि,बालाघाट। ससुर न सिर्फ अपनी बेटी से मिलने के लिए उसके ससुराल आता रहता था बल्कि वह बात-बात पर दामाद से वाद-विवाद कर ताने देते रहता था। इतना ही नहीं, उसने दामाद के पिता के साथ भी वाद-विवाद कर मारपीट की थी। इस बात की खुन्नस लंबे समय से दामाद के मन में पल रही थी और जब उसे मौका मिला तो उसने पहले ससुर को शराब पिलाई और पीछे से डंडा मारकर उसकी हत्या कर दी।
इस हत्या में उसके साढू भाई ने भी उसका पूरा साथ दिया। इस बात का खुलासा उस वक्त हुआ जब जिले के परसवाड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अरंडिया के जंगल में मिले वृद्ध के शव की बारीकी से पुलिस ने जांच की।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बैहर आदर्शकांत शुक्ला ने बताया कि तीन फरवरी को अरंडिया के जंगल में एक वृद्ध का शव मिला था जिसकी पहचान कैलाश गिरी गोस्वामी 60 वर्ष नेवरगांव नगाटोला थाना वारासिवनी के रुप में की गई थी। जिसका पोस्टमार्टम कराया गया था। पता चला कि वृद्ध की मौत सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण हुई थी।
हत्या का अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया, पुलिस की पूछताछ में ये सामने आया कि कैलाश गिरी गोस्वामी 28 जनवरी को अपनी बेटी के घर ग्राम अरंडिया आया था और यहां से 30 जनवरी को अपने गांव वापस जाने निकल गया था। जिसके बाद वह अपने घर नहीं पहुंचा और उसका शव जंगल में तीन जनवरी को मिला।
परसवाड़ा एसडीओपी अरविंद शाह ने बताया कि विवेचना के दौरान घटनास्थल के आसपास एक किलोमीटर के दायरे में सघन सर्चिंग की गई और संदेही अशोक गिरी गोस्वामी जो कि मृतक का दामाद है उसके गांव एवं घटना स्थल से गोपनीय जानकारी एकत्रत कर आरोपित अशोक व उसके साढू भाई रुस्तम गिरी गोस्वामी को पकड़कर उनसे कड़ाई से पूछताछ की गई।
उन्होंने बताया कि ससुर बात-बात पर ताने देता रहता था और अशोक के पिता के साथ मारपीट भी किया था। जिसके चलते उससे बदला लेना का पहले की मन बना चुके थे। 30 की शाम को भी उसने उनको ताना दिया और घर से बाहर चला गया था।
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जिस पर उसकी हत्या की योजना बनाकर दोनों उसको घर वापस लाने के लिए निकले और जब वह मिला तो उससे उन्होंने शराब पिलाई और घर लाकर खाना खिलाया। इसके बाद वह घर जाने निकला तो पीछे से डंडा लेकर दोनों गए और जंगल में डंडा मारकर उसकी हत्या कर दी।
साक्ष्य को छुपाने व वृद्ध का शिकार किसी जानवर द्वारा किए जाना दर्शाने की नियत से उसके शव को जंगल के अंदर ले जाकर छोड़ दिया था।