
नईदुनिया न्यूज, बालाघाट। लामता थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रतापपुर गांव के राघोटोला में बने एक गोदाम में भीषण आग लग गई। गोदाम में लिफ्ट इरिगेशन माइक्रो परियोजना के तहत गांवों में लगाए जाने वाले पाइप, फिटिंग सामग्री, कंटेनर सहित कच्चा माल रखा था, जो जलकर खाक हो गया।
आग की ऊंची-ऊंची लपटें और काले धुंए के गुबार को देखकर ग्रामीण सहम गए। राहत की बात है कि आगजनी में काेई जनहानि नहीं हुई। घटना बुधवार शाम की है, जब गोदाम से स्थानीय लोगों ने धुआं और लपटें निकलती देखा। देखते ही देखते आग ने पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया।
ग्रामीणों ने दमकल विभाग को सूचना दी, लेकिन जब तक दमकलकर्मी आग बुझाने पहुंचते, तब तक लगभग 8-10 करोड़ रुपये के पाइप सहित सारा सामान जलकर नष्ट हो चुका था। दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
पूर्व मंत्री रहे रामकिशोर कावरे ने अपने कार्यकाल में लगभग 40 गांवों में सिंचाई व्यवस्था के लिए लगभग 150 करोड़ रुपये की लिफ्ट इरिगेशन माइक्रो परियोजना की शुरुआत की थी। परियोजना का लगभग 40 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
शेष काम के लिए राघोटाेला में गोदाम बनाकर करोड़ों रुपये के पाइप, फिटिंग सामग्री सहित कच्चा माल रखा हुआ था। आग लगने से उठे धुंए का गुबार आसपास के कई गांवों तक दिखाई दिया। आग बुझाने के लिए आसपास की ग्राम पंचायतों के पानी के टैंकर बुलाए गए, बालाघाट मुख्यालय से भी दमकल गाड़ियां भेजी गईं, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
ग्रामीणों की मानें, तो इस घटना के पीछे शरारती तत्व हैं, जिन्होंने पेट्रोल-डीजल छिड़ककर गोदाम को आग के हवाले कर दिया है। इतना ही नहीं, अज्ञात लोगों ने गोदाम के सुपरवाइजर और मजदूरों को देर तक बंधक बनाया और उनके साथ मारपीट भी की थी। लामता पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
वह आधुनिक तकनीक है, जिसमें नदियों या बांधों से पानी को पंप के जरिए ऊंचे खेतों तक पहुंचाया जाता है। इसके बाद पाइपलाइन और ड्रिप/स्प्रिंकलर के माध्यम से खेत के सीधे पौधों तक पानी बूंद-बूंद करके दिया जाता है, जिससे पानी की बचत होती है।
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