

नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। 25 जुलाई को लांजी थाना क्षेत्र के ग्राम कुल्पा में बुजुर्ग दंपती को घायल कर घर में लूट की घटना का बालाघाट पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। लांजी पुलिस ने इस मामले में कुल सात आरोपितों का खुलासा किया है। इनमें पांच आरोपित गिरफ्तार हैं, तो दो फरार हैं। इस खुलासे में महाराष्ट्र की गोंदिया और आमगांव पुलिस का विशेष सहयोग रहा।
गुरुवार को पुलिस कंट्रोल रूम में प्रेसवार्ता लेकर एसपी आदित्य मिश्रा ने विस्तृत जानकारी दी। प्रार्थी शत्रुघ्न लिल्हारे की शिकायत पर जब पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई, तो जांच में पता चला कि इस पूरे घटनाक्रम के तीन मास्टरमाइंड धीरज फुंडे, चाचा हेमंत फुंडे और राजेश भोयर थे, जिन्होंने पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के दीपक दास (42) और झारखंड के देवघर जिले से शिवकुमार दास (42) को लूट की घटना को अंजाम देने के लिए विशेष रूप से लांजी बुलाया था।
आरोपितों ने बुजुर्ग दंपती के घर में मोबाइल टावर लगाने के नाम पर साजिश रची थी। जून माह में पहली बार आरोपितों ने बारी-बारी से टावर लगाने के लिए जगह का सर्वे, दस्तावेजों लेने के बहाने घर की रैकी और 25 जुलाई को दोपहर में दंपती को बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट की और सोने-चांदी के जेवरात, नगदी, मोबाइल, आधार कार्ड, बैंक पासबुक लूटकर फरार हो गए।
एसपी आदित्य मिश्रा के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने घटनास्थल और कुल्पा से आमगांव मार्ग तक लगे विभिन्न सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का सूक्ष्मता से परीक्षण किया। मुखबिर से मिली सूचनाओं एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदेही आमगांव के नितेश शेंडे से पूछताछ की गई।
नितेश ने बताया कि धीरज फुंडे एवं हेमंत फुंडे अपने चार-पांच साथियों के साथ लूट की वारदात करने की तैयारी में हैं। पुलिस ने आमगांव के ही राजेश भोयर को संदेह के आधार पर अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। राजेश ने अपने साथियों धीरज फुंडे, हेमंत फुंडे, दीपक दास, शिवकुमार दास एवं रिंकू पासवान और विनोद पासवान के साथ मिलकर डकैती की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।
पुलिस ने राजेश भोयर, दीपक दास एवं शिवकुमार दास को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, धीरज फुंडे एवं हेमंत फुंडे आमगांव पुलिस (महाराष्ट्र) द्वारा विभिन्न चोरी व अन्य अपराधों में गिरफ्तार किए गए हैं। आरोपितों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त स्कूटी, लूटे गए सोने-चांदी के जेवरात एवं नगदी बरामद की गई है।
विवेचना में ये तथ्य सामने आया कि मुख्य आरोपित धीरज फुंडे, हेमंत फुंडे एवं राजेश भोयर ने घटना से पूर्व दो बार टावर लगाने के नाम पर फरियादी के घर जाकर रैकी की थी।
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