
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। 18 जून को मानसून की दस्तक के बाद कई दिनों से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे जिलेवासियों के लिए मंगलवार का दिन भी खास रहा। सुबह से आसमान में छाए काले बादल दोपहर 12 बजे के बाद जमकर बरसे। कृषि वैज्ञानिक धर्मेंद्र अगासे ने बताया कि जिले में मानसून अपनी रफ्तार पकड़ेगा, जिसका असर आने वाले दिनों में भी देखने मिलेगा।
सोमवार के बाद मंगलवार को भी झमाझम बारिश का दौर जारी रहा। ये बारिश जिला मुख्यालय सहित तहसील और ग्रामीण क्षेत्रों में भी हुई। ये वर्षा किसानों के चेहरे पर राहत और खुशी लेकर आई है। धान की बोवाई के लिए अच्छी बारिश की राह देख रहे किसानों के लिए यह बारिश संजीवनी साबित होगी। दोपहर एक बजे के बाद करीब एक घंटे तक तेज वर्षा हुई। इसके बाद रिमझिम बारिश जारी रही। देर तक बारिश होने से तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई। मौसम में ठंडक घुलने से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा मंगलवार को जारी मौसम पूर्वानुमान में बालाघाट जिले में आने वाले दिनों में मानसून मेहरबान होगा।
बालाघाट में 9 दिन की देरी से पहुंचे मानसून पूरे जून महीने में उतना मेहरबान नहीं हुआ, जितना पिछले वर्षों में रहा है। जून महीने में 2025 की तुलना में 87 मिमी कम वर्षा दर्ज हुई है।
कार्यालय अधीक्षक भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार, चालू वर्षा सत्र में बालाघाट जिले में एक से 30 जून तक 61 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 148 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई थी। यानी इस साल जून महीने में 87 मिमी कम वर्षा हुई। जिले की औसत सामान्य वार्षिक वर्षा 1447 मिलीमीटर निर्धारित है।
कृषि विज्ञान केंद्र बड़गांव के कृषि वैज्ञानिक धर्मेंद्र अगासे ने बताया कि मानसून का असर जुलाई के पहले सप्ताह में अधिक देखे जाने की उम्मीद है। भारत मौसम विज्ञान विभाग, नई दिल्ली के क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल से प्राप्त पांच दिवसीय मध्यम श्रेणी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार बालाघाट जिले में एक से सात जुलाई तक भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना है।
इस दौरान बिजली गिरने, आंधी-तूफान के साथ हवा की गति लगभग 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की संभावना है। इस अवधि में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। कृषि विज्ञान केंद्र ने मौसम संबंधी मानचित्र जारी किया है, जिसमें बालाघाट सहित दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी वर्षा की संभावना है।
मंगलवार को जिला मुख्यालय के अलावा वारासिवनी, बैहर, रामपायली, उकवा, तिरोड़ी, खैरलांजी सहित कई इलाकों में वर्षा हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश होने से किसानों ने युद्धस्तर पर बोवाई का कार्य शुरू कर दिया है।
यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश में 21 साल बाद सड़कों पर लौटेंगी सरकारी बसें... बंद होने की इनसाइड स्टोरी और सरकार का नया प्लान
जानकारी के अनुसार, चालू वर्षा सत्र में वारासिवनी तहसील में सबसे अधिक 157 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। खैरलांजी तहसील में सबसे कम सात मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड हुई है। एक से 30 जून तक बालाघाट तहसील में 72 मिमी, बैहर में 62 मिमी, लांजी में 71 मिमी, कटंगी में 18 मिमी, किरनापुर में 63 मिमी, लालबर्रा में 50 मिमी, बिरसा में 27 मिमी, परसवाड़ा में 59 मिमी और तिरोड़ी में 79 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।