पाकिस्तान से रिहा प्रसन्नजीत अमृतसर से बालाघाट के लिए रवाना, स्वर्ण मंदिर में माथा टेका
मध्य प्रदेश के बालाघाट से सीमा पार पाकिस्तान पहुंचा प्रसन्नजीत रंगानी वापस अपने घर लौट रहा है। बुधवार को परिजन अमृतसर पहुंचे थे, जहां प्रसन्नजीत को उन ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 05 Feb 2026 12:28:02 PM (IST)Updated Date: Thu, 05 Feb 2026 01:46:08 PM (IST)
HighLights
- बुधवार रात स्वजन अमृतसर पहुंचे, 15 मिनट की कागजी कार्रवाई के बाद पुलिस ने प्रसन्नजीत को सौंपा
- सुबह स्वर्ण मंदिर में दर्शन के बाद बालाघाट के लिए रवाना हुए, शुक्रवार रात तक लौटेंगे बालाघाट
- पाकिस्तान की जेल में सात साल तक सजा काटने के बाद वापस देश लौटने पर खुश है प्रसन्नजीत
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। भटककर सीमा पार पाकिस्तान पहुंचने और वहां की सेंट्रल जेल में सात साल की सजा काटने के बाद प्रसन्नजीत रंगारी (38) अब जल्द अपने गांव खैरलांजी आ रहा है। स्वजन उसे लेकर गुरुवार सुबह बालाघाट के लिए निकल गए हैं। अमृतसर पुलिस द्वारा बालाघाट के प्रसन्नजीत को सौंपने के बाद सभी स्वर्ण मंदिर पहुंचे। वहां प्रसन्नजीत ने माथा टेका।
मीडिया के सवाल पर उसने कहा- मैं ठीक हूं, मेरी मां का ख्याल रखना, मैं आ रहा हूं...। खास बात है कि प्रसन्नजीत पाकिस्तानी पोषाक में नजर आ रहा है। उसने पाकिस्तानी कुर्ता-पायजामा पहन रखा है। गौरतलब है कि मंगलवार को सड़क मार्ग से अमृतसर के लिए निकले स्वजन बुधवार रात करीब 10 बजे अमृतसर के मंजीठा थाना पहुंचे थे।
स्वर्ण मंदिर पहुंचे
वहां पहुंचते ही पुलिस ने प्रसन्नजीत को सौंपने की कागजी कार्रवाई की। स्वजन और साथ आए रोजगार सहायक व अन्य के हस्ताक्षर लिए और प्रसन्नजीत को उनके हवाले किया। इसके बात होटल में रात गुजारने के बाद सुबह सभी स्वर्ण मंदिर पहुंचे। इस दौरान प्रसन्नजीत सामान्य नजर आया।
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हालांकि, अभी ये स्पष्ट नहीं कि प्रसन्नजीत के बालाघाट पहुंचने के बाद उसे कलेक्टर कार्यालय लाया जाएगा या पुलिस अधीक्षक कार्यालय, लेकिन स्वजन उसे बहन संघमित्रा के गांव महकेपार ले जाने की तैयारी में है। संभावना है कि प्रसन्नजीत शुक्रवार रात तक बालाघाट पहुंच जाएगा।