
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। आकाशवाणी रोड और विद्युत कार्यालय रोड में शासकीय भूमि पर बने लगभग 60 कच्चे मकानों को हटाने की कार्रवाई से पहले सोमवार को कलेक्ट्रेट मेनगेट पर जमकर हंगामा हुआ।
मकानों पर बुलडोजर चलना तय था, लेकिन इससे पहले लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। नारेबाजी और कलेक्ट्रेट गेट पर ताला लगाने की घटना ने माहौल को और गर्म कर दिया। गेट पर ताला लगने से कलेक्ट्रेट जाने वाले अधिकारी-कर्मचारी देर तक परेशान हुए।
प्रभावित लोगों की पैरवी कर रहे एक ‘नेताजी’ मनोज पमनानी एसडीएम गोपाल सोनी से भिड़ गए। तीखी नोकझोंक और बहसबाजी के बाद मनोज पुलिस बल से भी उलझ पड़े। मनोज को पुलिस अपने साथ ले गई।
एसडीएम सोनी ने बताया कि शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने के कारण मनोज पर विधिवत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं, निर्माणाधीन तहसील कार्यालय में बाधा बन रहे 62 कच्चे मकानों को हटाने की कार्रवाई फिलहाल टल गई है।
जानकारी के अनुसार, नए तहसील कार्यालय की प्रस्तावित बाउंड्रीवाल के पास ये कच्चे मकान हैं। इन्हें हटाने के लिए प्रशासन लंबे समय से कवायद कर रहा है। हाल ही में प्रशासन ने मकान मालिकों को बेदखली का नोटिस तक दिया था, लेकिन ‘मकान के बदले मकान’ और ‘मुआवजा’ की मांग पर अड़े रहवासियों ने मकान खाली नहीं किया। चार दिन पहले एसडीएम ने लोगों को जल्द मकान खाली कराने का अल्टीमेटम भी दिया था। प्रशासन की समझाइश का जितनों पर असर हुआ, वे अपना घर छोड़ चुके हैं। प्रशासन पहले इन खाली घरों पर बुलडोजर चलाएगा। एेसे 10 से 12 मकान हैं, जिन्हें जल्द हटाया जाएगा।
एसडीएम सोनी प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर कलेक्ट्रेट गेट से हटने का अनुरोध करते रहे, लेकिन वे नहीं माने। वर्षा ऋतु का हवाला देते हुए लोगों ने आठ महीने का समय मांगा। ‘आप’ के प्रदेश संयुक्त सचिव मनोज पमनानी ने कहा कि वर्षा में झुग्गी झोपड़ी वाले कहां जाएंगे? प्रशासन इनके रहने का इंतजाम करे। उन्हें छह से आठ माह का समय दे। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि पहले भी आवेदन, निवेदन, ज्ञापन और जनप्रतिनिधियों के आग्रह पर दो बार तीन-तीन महीने का समय दिया जा चुका है। अब आठ महीने की मोहलत मांगी जा रही है, जो नहीं दी जा सकती। इस बात पर मनाेज और एसडीएम के बीच बहस हो गई।
लगातार समझाइश के बाद भी उग्रता दिखाने और बहसबाजी करने पर एसडीएम ने मनोज को गिरफ्तार करने का आदेश दे दिया। पुलिस बल मनोज को पुलिस वाहन में बैठाने लगी। इस दौरान पुलिसकर्मियों और मनोज के बीच धक्का-मुक्की भी देखने मिली। कुछ देर बाद कलेक्ट्रेट का गेट खुलवाया गया। प्रभावितों के विस्थापन को लेकर प्रशासन का कहना है कि नगर पालिका ने आवास मेला लगाया था, लेकिन रहवासी पीएम आवास को लेकर गंभीर नहीं हैं। वहीं, प्रभावितों का कहना है कि पीएम आवास के तहत मकान खरीदने के लिए उनके पास इतना पैसा नहीं हैं
पहले भी दो बार मकान खाली करने समय दिया जा चुका है। मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने वर्षा ऋतु तक का समय दिया है। बैठक कर कोई हल निकाला जाएगा। बार-बार समझाइश देने के बाद भी एक प्रदर्शनकारी द्वारा शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न किया गया था। उसके खिलाफ विधिवत कार्रवाई की जा रही है।
गोपाल सोनी, एसडीएम, बालाघाट