बालाघाट आदिवासियों के बीच पहुंचे राहुल गांधी, बोले- स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में बच्चों की मौत हुई, सरकार ने नहीं ली सुध
बालाघाट के बैगा क्षेत्र में 11 वर्षीय सुषमा मर्सकोले की इलाज के दौरान मौत हो गई। क्षेत्र में बच्चों की मौतों को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं।
Publish Date: Thu, 01 Oct 2026 10:30:24 AM (IST)Updated Date: Thu, 01 Oct 2026 03:41:57 PM (IST)
बालाघाट आदिवासियों के बीच पहुंचे राहुल गांधीHighLights
- बालाघाट आदिवासियों के बीच पहुंचे राहुल गांधी
- राहुल गांधी के आने से पहले एक बच्ची की मौत हुई
- सरकारी आंकड़ों के अऩुसार अब तक 34 बच्चों की मौत
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट: कांग्रेस नेता राहुल गांधी बालाघाट पहुंच गए हैं। वह जगला गांव में आदिवासियों से जानकारी ले रहे हैं। इस दौरान उनके साथ कांग्रेस के आदिवासी मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया भी हैं राहुल गांधी ने कहा कि कुपोषण से मलेरिया से और स्वास्थ्य सुविधाएं न होने से आदिवासी बच्चों की मौत हो गई, लेकिन सरकार ने किसी की कोई सुध नहीं ली।
उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा स्वास्थ्य को लेकर कोई काम नहीं हुआ। आदिवासियों को पेट नहीं भर रहे हैं। हमारी सरकार आएगी तो शिक्षा स्वास्थ्य पर काम करेगी। मनरेगा का नाम बदल दिया लेकिन इसका लाभ नहीं मिल रहा है। आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में साबित होता है कि शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति ठीक नहीं है। आदिवासी महिलाओं को पूरक पोषण और लाडली बहना योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
मलेरिया और मल्टीपल डिसीज से थी पीड़ित
- राहुल गांधी के दौरे से पहले एक बच्ची की मौत हो गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शत्रुघ्न दाहिया ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बालिका को मलेरिया हुआ था। छह दिन पहले उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डा. दाहिया के अनुसार, सुषमा को मलेरिया के साथ मल्टीपल डिसीज थी।
- लगातार इलाज से मलेरिया को नियंत्रित हो चुका था, लेकिन अन्य बीमारी के कारण बालिका अचेत स्थिति में थी, जिसकी बुधवार देर रात मौत हो गई। ढाई बजे परिजन एंबुलेंस से शव लेकर गांव लेकर पहुंचे। मृतका का आज अंतिम संस्कार किया जाएगा।
अब तक 34 बच्चों की मौत
गौरतलब है कि बैहर और बिरसा विकासखंड के आदिवासी बैगा क्षेत्रों में मलेरिया, खसरा, कुपोषण सहित अन्य बीमारियों से अब तक 34 बच्चों की मौत हो चुकी है। जबकि बैहर से कांग्रेस विधायक संजय उइके 43 मौतों का दावा कर चुके हैं।