
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। छिंदवाड़ा के बोरगांव स्थित एथेनाल प्लांट (एवीजे एग्रीको प्राइवेट लिमिटेड) के बहाने सरकारी चावल की हेराफेरी के बहुचर्चित मामले में बालाघाट पुलिस ने एथेनाल प्लांट के एजेंट राहुल प्रताप और उसके सहयोगी राकेश श्रीवास को गिरफ्तार किया है।
एसपी आदित्य मिश्रा ने इसकी पुष्टि की है। पुलिस विवेचना में पता चला है कि आरोपित ट्रकों में सरकारी चावल को लोड कराने से लेकर राइस मिलरों के साथ मिलकर चावल को किस राइस मिल में खपाना है, इसकी रूपरेखा तैयार करते थे। राहुल प्रताप 5 जून को एफआइआर दर्ज होने के बाद से फरार था।
पुलिस ने उसे उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार किया है। उसकी गिरफ्तारी पूरे सिंडिकेट की परतें खोलेंगी। राहुल ही वो मास्टरमाइंड है, जो एफसीआई गोदाम से एथेनाल प्लांट के लिए निकलने वाले चावल से भरे ट्रकों को षडयंत्रपूर्वक राइस मिलों में खड़ा कराकर चावल को खपाता था।
आरोपित पुलिस रिमांड में हैं। पूछताछ में पुलिस ये पता करेगी कि राहुल और राकेश किन-किन राइस मिलरों के संपर्क में थे। राहुल की गिरफ्तारी, बालाघाट के कई नामी राइस मिलरों के चेहरे बेनकाब करेगी।
पुलिस जानकारी के अनुसार, एथेनाल प्लांट और एफसीआई के बीच कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) के लिए एक करोड़ 16 लाख रुपये का अनुबंध हुआ था। वर्ष 2025 में केंद्र सरकार की एथेनाल नीति के तहत हुए इस अनुबंध में एफसीआई द्वारा एथेनाल प्लांट को समय-समय पर गोदाम में भंडारित पुराना चावल एथेनाल निर्माण के लिए देना था
प्लांट के एजेंट और राइस मिलरों ने इस चावल का बीच रास्ते में ही राइस मिलों में बंदरबांट कर दिया। अप्रैल से तीन जून के बीच एफसीआई गोदाम से चावल से भरे 44 ट्रक प्लांट के लिए निकले थे, जिसमें लगभग चार करोड़ रुपये कीमत का 16500 क्विंटल चावल था, लेकिन चावल रास्ते में ही गायब कर दिया गया। एसआईटी ने अब तक 11 ट्रक जब्त किए हैं। पुलिस की रडार पर ट्रक मालिक, चालक, राइस मिलर और एफसीआई के अफसर भी हैं। 30 से अधिक लोगों से पूछताछ चल रही है।
जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर एथेनाल प्लांट का एजेंट राहुल प्रताप और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया गया है। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है, आगे जो भी साक्ष्य मिलेंगे, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
आदित्य मिश्रा, एसपी, बालाघाट
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