
नईदुनिया प्रतिनिधि, बड़वानी। मासूमियत में हुई एक छोटी सी गलती तीन बच्चों की जिंदगी पर भारी पड़ सकती थी। अंजड क्षेत्र की बड़दा बसाहट में शनिवार शाम खेलते-खेलते तीन बच्चों ने किसी जहरीले पौधे के बीज खा लिए। कुछ ही देर में उनकी तबीयत इतनी बिगड़ गई कि परिजनों के हाथ-पांव फूल गए। तेज पेट दर्द और लगातार उल्टियों के बीच बच्चों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की तत्परता और समय पर मिले उपचार ने तीनों की जान बचा ली।
जानकारी के अनुसार बड़दा बसाहट निवासी मनोज का पांच वर्षीय पुत्र आनंद, मोहन का छह वर्षीय पुत्र गगन और आठ वर्षीय पुत्री ऋतिका घर के पीछे खाली पड़ी जमीन पर खेल रहे थे। खेल-खेल में बच्चों ने वहां पड़े किसी अज्ञात पौधे के बीज खा लिए। शुरुआत में किसी को इसका अंदाजा नहीं था, लेकिन थोड़ी ही देर बाद तीनों बच्चों को तेज पेट दर्द होने लगा और लगातार उल्टियां शुरू हो गईं।
मासूमों की बिगड़ती हालत देखकर परिजनों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की मदद से तीनों बच्चों को तत्काल अंजड सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन जहरीले बीज के असर को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल बड़वानी रेफर कर दिया गया।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों की विशेष टीम ने बच्चों का उपचार किया। डॉक्टरों के अनुसार यदि बच्चों को अस्पताल लाने में थोड़ी भी देर हो जाती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। समय रहते उपचार मिलने से जहर का असर अधिक नहीं फैल पाया और तीनों बच्चों की जान बच गई।
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक तीनों बच्चों की हालत अब स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। एहतियात के तौर पर उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल है।
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यह घटना अभिभावकों के लिए भी एक बड़ी सीख है। ग्रामीण इलाकों में घरों और खेतों के आसपास उगने वाले कई पौधों के बीज जहरीले होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चों को अकेले खेलने से बचाएं और उन्हें अज्ञात फल, फूल या बीज खाने से रोकने के बारे में जागरूक करें, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।