भिंड में डंपर व्यापार में पार्टनर बनाने का झांसा देकर 46 लाख रुपये हड़पे
व्यापारिक संबंध धीरे-धीरे पारिवारिक रिश्तों में बदल गए। जून 2023 में मनोज ने विवेक को डंपर व्यवसाय में पार्टनर बनने का प्रस्ताव दिया। मना करने पर उसने ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 27 Mar 2026 04:26:42 PM (IST)Updated Date: Fri, 27 Mar 2026 04:32:14 PM (IST)
भिंड में 46 लाख की धोखाधड़ी।HighLights
- ग्वालियर एसएएफ आरक्षक ने लगाया आरोप।
- तीन लोगों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
- पुलिस ने मामले में विवेचना भी शुरू कर दी है।
नईदुनिया प्रतिनिधि, भिंड। गोरमी थाना अंतर्गत डंपर व्यापार में निवेश कर मोटा मुनाफा दिलाने का लालच देकर लाखों रुपये हड़पने का गंभीर मामला सामने आया है। फरियादी विवेक अवस्थी जो एसएएफ में आरक्षक के रूप में ग्वालियर में पदस्थ हैं, ने थाना गोरमी थाने में आवेदन देकर तीन व्यक्तियों पर धोखाधड़ी व अमानत में खयानत का आरोप लगाया। पुलिस ने आवेदन को गंभीरता से लेते हुए धारा 316, 318(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
फरियादी विवेक अवस्थी निवासी बर का पुरा पृथ्वीपुरा ने बताया कि उनकी पत्नी के नाम से अवस्थी बिल्डिंग मटेरियल एवं वाटर सप्लायर फर्म संचालित है। वर्ष 2023 में उनके भाई की गोहद में एक डंपर चालक से मनोज कुमार सिंह की पहचान हुई, जो मूलतः ग्राम जासमई थाना बेवर जिला मैनपुरी का निवासी है और वर्तमान में श्रीराम कालोनी मसेनी फतेहगढ़ फर्रुखाबाद उप्र में रहता है। मनोज रेत परिवहन का कार्य करता है।
व्यापारिक संबंध धीरे-धीरे पारिवारिक रिश्तों में बदल गए। जून 2023 में मनोज ने विवेक को डंपर व्यवसाय में पार्टनर बनने का प्रस्ताव दिया। मना करने पर उसने कहा कि यदि विवेक उसे पैसा दे दें तो वह हर महीने 8 से 10 प्रतिशत तक लाभ देगा। विश्वास में आकर विवेक द्वारा 14 लाख रुपये मनोज के दामाद प्रभात सिंह भदौरिया निवासी स्योड़ा अकोड़ा थाना ऊमरी भिंड के हाथों नगद दे दिए गए।
बाद में मनोज ने 8 लाख रुपये लौटाए और 4 लाख रुपये को लाभ बताते हुए विवेक का विश्वास और बढ़ा दिया। इसके बाद विवेक ने अपनी पत्नी की फर्म के खातों से मनोज के फोन-पे नंबर 8493032818 पर कई किस्तों में रकम भेजी। अप्रैल 2024 में मनोज ने ग्वालियर से एक डंपर बुक कराने के नाम पर भी विवेक से पैसे जमा कराए।
एजीएस मोटर्स में मनोज की पत्नी प्रेमलता के नाम से डंपर खरीदा गया, जिसके लिए विवेक ने 6 लाख 46 हजार रुपये अलग-अलग तरीकों से जमा किए। अक्टूबर 2025 में जब विवेक ने अपनी राशि वापस मांगी तो मनोज व उसकी पत्नी टालमटोल करने लगे।
उन्होंने बीमारी और आर्थिक तंगी का हवाला देकर विवेक से और रकम जमा कराने के कहा। विश्वास में आकर विवेक ने 17 अक्टूबर 2025 को 50 हजार, नवंबर में 80 हजार और 96 हजार, दिसंबर में 36,503 तथा 91,003 रुपये लोन खाते में जमा कराए।
इसके अलावा लगभग 20 लाख रुपये छोटे-छोटे भुगतानों में फोन-पे के माध्यम से दिए गए। कुल मिलाकर विवेक ने करीब 46 लाख रुपये मनोज, उसकी पत्नी प्रेमलता व दामाद प्रभात भदौरिया को सौंपे।
लेकिन रकम वापस न मिलने पर उन्हें धोखाधड़ी का संदेह हुआ। बार-बार मांगने पर भी आरोपी रकम लौटाने से बचते रहे। इसके बाद विवेक अवस्थी ने थाना गोरमी में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण दर्ज कर लिया है।
फरियादी की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। लेनदेन संबंधी दस्तावेज व बैंक स्टेटमेंट जब्त किए जा रहे हैं। आरोपितों से पूछताछ कर तथ्य स्पष्ट किए जाएंगे। जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आशुतोष शर्मा, टीआई थाना गोरमी